पाकिस्तान में भारतीय कैदी की मदद करने वाली लापता पत्रकार 2 साल बाद मिली

Updated on 21 Oct, 2017 at 3:59 pm

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करीब दो साल से लापता पाकिस्तानी पत्रकार जीनत शहजादी का पता चल गया है।

पाकिस्तानी पत्रकार जीनत शहजादी।

लापता होने से पहले 25 वर्षीया जीनत एक भारतीय कैदी की खबर पर काम कर रही थी। माना जा रहा है कि जीनत को पाकिस्तानी की खुफिया एजेन्सियों ने पकड़ रखा था। उन्हें पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के नजदीक से बरामद किया गया।

क्या है मामला

जीनत एक स्वतंत्र पत्रकार है। वह लगातार लापता लोगों के लिए आवाज उठा रही थीं। जीनत सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में लापता भारतीय नागरिक हामिद अंसारी की मां फौजिया अंसारी के संपर्क में आई थी। जीनत ने फौजिया की तरफ से पाकिस्तानी की सुप्रीम कोर्ट के मानवाधिकार सेल में एक आवेदन देकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की थी, ताकि हामिद को खोजा जा सके। यही वजह थी कि पाकिस्तानी सुरक्षाबलों को यह स्वीकार करना पड़ा कि हामिद उनकी कैद में है।


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इस घटना के बाद से पाकिस्तान की खुफिया एजेन्सियां जीनत शहजादी से नाराज चल रहीं थीं। लापता होने से पहले सुरक्षाबलों ने उसे करीब चार घंटे तक हिरासत में रखा था। वह जानना चाहते थे कि आखिर वह हामिद की खबर पर काम क्यों कर रही है।

हामिद अंसारी के माता-पिता।

बाद में 2015 में एक मिलिटरी कोर्ट ने हामिद को जासूसी के आरोप में 3 साल के लिए जेल भेज दिया गया था। उसी साल शहजादी भी लापता हो गई थी। मार्च 2016 में शहजादी का मसला एक बार फिर सुर्खियों में था जब उसके 17 साल के भाई सद्दाम ने मार्च 2016 में आत्महत्या कर ली थी।

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