इस्लामिक स्टेट के आतंकी को जाकिर नाइक की संस्था ने दी थी बड़ी स्कॉलरशिप

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Updated on 23 Nov, 2016 at 4:02 pm

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विवादित मुस्लिम धर्म प्रचारक जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) को लेकर नई बात सामने आई है। नाइक की इस संस्था की तरफ से इस्लामिक स्टेट के संदिग्ध आतंकी अनस को 80,000 रुपए बतौर स्कॉलरशिप दिए जाने के साक्ष्य सामने आया है।

राजस्थान के टोंक का रहने वाला अनस हैदराबाद की एक कंपनी में इंजीनियर था। एनआईए ने उसे गणतंत्र दिवस के मौके पर आतंकी हमले की योजना बनाने के आरोप में जनवरी में गिरफ्तार किया था।

एनआईए की जांच में हुए इस खुलासे के बाद अब सरकार नाइक के खिलाफ ऐंटि टेरर लॉज के तहत जांच करवा सकती है। एनआईए का दावा है कि आईआरएफ ने आतंकी अनस को 80 हजार रुपए की छात्रवृत्ति दी थी। अनस ने सीरिया जाकर इस्लामिक स्टेट ज्वाइन करने की योजना भी बनाई थी। फिलहाल वह दिल्ली के तिहाड़ जेल में है।

बताया गया है कि अनस ने आईआरएफ की वेबसाइट पर स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया, जिसके बाद उसे मुंबई में इंटरव्यू के लिए भी बुलाया गया था।

संदिग्ध आतंकी के रूप में हैदराबाद में पकड़ा गया पुरानी टोंक निवासी अबु अनस patrika

संदिग्ध आतंकी के रूप में हैदराबाद में पकड़ा गया था पुरानी टोंक निवासी अबु अनस।
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यह साक्ष्य सामने आने के बाद एनआईए का दावा है कि नाइक की संस्था आईआरएफ और आईएस के भर्ती करने वालों के बीच सीधा संबंध है। वहीं, सूत्रों का भी यह मानना है कि नाइक की संस्था के लोग अनस की योजना से अंजान नहीं थे, बल्कि उन लोगों ने अनस को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए जानबूझकर ‘स्कॉलरशिप’ से मदद प्रदान की है।

आपको बता दें सरकार ने हाल ही में गैरकानूनी गतिविधि में लिप्त पाने जाने की वजह से क़ानूनी कार्रवाई करते हुए नाइक की संस्था आईआरएफ को प्रतिबंधित कर दिया है। एनआईए ने आईआरएफ की वेबसाइट को भी ब्लॉक कर दिया है। जाकिर के फेसबुक पेज, ट्विटर अकाउंट और यूट्यूब वीडियो को भी ब्लॉक करने का प्रयास किया जा रहा है।

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