जाकिर नाइक पर चलेगा आतंकवाद का मामला, इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर प्रतिबंध की तैयारी

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Updated on 27 Aug, 2016 at 7:35 pm

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केन्द्र सरकार विवादित मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाइक पर आतंकवाद का मामला चला सकती है। साथ ही उसके NGO इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स की अगर मानें तो गृह मंत्रालय, सेना और महाराष्ट्र सरकार ने इस बारे में कानूनी राय लेते हुए, नाइक पर गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम (UAPA) के तहत युवाओं को अपने भाषणों से भड़काने का आरोप लगाने का फैसला लिया है।

Naik

जांच के दायरे में IRF पर लगे जो आरोप हैं, उनमें विदेशों से मिले चंदे का गलत इस्तेमाल, धर्मांतरण के लिए लोगों को प्रेरित करने और आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसे कई आरोप शामिल हैं।

जाकिर नाइक पर आरोप है कि बांग्लादेश के ढाका में हुए आतंकी हमले में शामिल आतंकी उसके भाषणों से प्रेरित हुए थे। यही नहीं, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी वारदातों में शामिल लोगों के भी उसके भाषणों से प्रेरित होने की खबरें हैं।


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केंद्र के अलावा महाराष्ट्र सरकार ने भी 50 साल के इस मुस्लिम धर्म उपदेशक के भाषणों की सीडी की जांच शुरू की है, जिसमें जिहाद को बढ़ावा देने की बात सामने आई है।

कुछ दिन पहले जाकिर नाइक से सम्बंधित 71 पन्नों की एक रिपोर्ट, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गृह मंत्रालय को भेजी है।

जाकिर नाइक ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार करार दिया है। नाइक का कहना है कि वह एक ‘शांतिदूत’ है। नाइक ने हाल ही में कहा था कि ‘युद्ध की रणनीति’ में आत्मघाती बम विस्फोट को सही ठहराया जा सकता है।

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