मुश्किल में फंस सकते हैं युवराज और हरभजन, 45 हजार करोड़ के घोटाले से जुड़ रहा है नाम

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Updated on 15 Jan, 2016 at 8:42 pm

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टीम इन्डिया के नामचीन क्रिकेटर्स युवराज सिंह और हरभजन सिंह मुश्किल में फंस सकते हैं। दरअसल, 45 हजार करोड़ रुपए के पर्ल ग्रुप घोटाले की जांच की जद में इन क्रिकेटरों सहित कई अन्य दिग्गज हस्तियां भी आ सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पर्ल ग्रुप ने इन क्रिकेटरों को मोहाली में प्लॉट गिफ्ट किए थे। इसकी एवज में उन्होंने कम्पनी की ब्रान्डिंग की और निवेशकों को लुभाया। इन प्लॉट्स को ईडी अपने कब्जे में ले सकती है।

एक अखबार की रिपोर्ट में सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि ईडी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया है। पर्ल ग्रुप ने अपने ब्रान्ड को चमकाने और नवेशकों को आकर्षित करने के लिए क्रिकेटरों का इस्तेमाल किया था।

इस बीच, युवराज की मां शबनम ने इस बात का खंडन किया है कि युवराज पर्ल ग्रुप के साथ जुड़े रहे हैं। शबनम कहती हैंः


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वर्ष 2011 में विश्वकप जीतने के बाद पर्ल ग्रुप ने हमें सूचना दी थी कि वे हमें एक प्लॉट गिफ्ट में देने जा रहे हैं। हालांकि, यह प्लॉट हमें मिला नहीं। हम पर्ल ग्रुप के साथ किसी भी स्थिति में जुड़े नहीं हैं।



बताया गया है कि इस संबंध में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ब्रेट ली से भी पूछताछ हो सकती है। ब्रेट ली को ऑस्ट्रेलिया में कंपनी के प्रचार प्रसार के लिए ब्रान्ड एम्बेसे़डर बनाया गया था।

गौरतलब है कि पर्ल ग्रुप ने इससे पहले इन्डियन प्रीमियर लीग को स्पॉनसर भी किया था। यही नहीं, इस ग्रुप ने वर्ष 2011 में भारत बनाम वेस्टइंडीज एकदिवसीय क्रिकेट सिरीज के स्पॉनसर की जिम्मेदारी भी ली थी। आरोप है कि करीब एक हजार कंपनियों की मदद से पर्ल ग्रुप ने देश भर में जमीन की खरीद-फरोख्त की थी।

पर्ल ग्रुप के सी.एम.डी. निर्मल सिंह भंगू व कम्पनी के 3 शीर्ष अधिकारी 19 जनवरी तक सी.बी.आई. रिमांड पर हैं। आरोप है कि इन्होंने 5 करोड़ से ज्यादा निवेशकों को चूना लगाया है।


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