सिगरेट पीने से रोका तो ले ली जान, तेज रफ्तार कार से युवक को रौंदा

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Updated on 24 Sep, 2017 at 9:36 pm

धुम्रपान सेहत के लिए हानिकारक है। यह लाइन न जाने कितनी बार आपने पढ़ी और सुनी होंगी। हालांकि, कई ऐसे लोग हैं जो यह जानने के बावजूद धुम्रपान नहीं छोड़ते। यह उनकी लाइफस्टाइल का एक हिस्सा सा बन गया है और जब ऐसे लोगों को रोकने के लिए जाओ तो वो उल्टा आपको ही सुना देते हैं। इस संबंध में दिल्ली में घटित हुए एक मामले ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।

दिल्ली में बाइक सवारों ने एक कार सवार को धुम्रपान करने से मना किया, तो उसने उसकी जान ही ले ली। आरोपी ने अपनी कार से दो मोटरसाइकिल सवारों को कथित तौर पर टक्कर मार दी। इस हादसे में 21 साल के गुरप्रीत सिंह की मौत हो गई और उसका अन्य साथी बुरी तरह से घायल हो गया। आरोपी शख्स की पहचान रोहित कृष्ण महंत के रूप में हुई है, जो पेशे से वकील है।

दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर के बाहर ये घटना हुई। मृत युवक फोटोग्राफी का छात्र था। वह अपने दोस्त के साथ एम्स के पास फुटपाथ पर रहने वाले लोगों पर डाक्यूमेंटरी के सिलसिले में वहां पहुंचे था। उसी दौरान पास खड़ा रोहित उनके चेहरे के पास आकर धूम्रपान करने लगा। इस पर गुरप्रीत और उसके दोस्त ने उसे ऐसा करने से मना किया। इस पर उसने उनकी बात नहीं मानी और झगड़ने लगा तो वो अपनी बुलेट ले वहां से चल दिए। इस पर रोहित ने कार से उनका पीछा किया और और अपनी तेज रफ़्तार कार से उन्हें टक्कर मार दी, जिसमें बुरी तरह से घायल गुरप्रीत की मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि आरोपी रोहित को अपोलो अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे लापरवाही से गाड़ी चलाने के लिए गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानत पर रिहा कर दिया गया था। लेकिन अब मामले का दूसरा पहलू सामने आने के बाद वकील पर हत्या और हत्या के प्रयास के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।

उधर, गुरप्रीत के माता-पिता ने अपने बेटे की आखों को दान करने का फैसला किया है। बठिंडा निवासी गुरप्रीत के पिता ओंकार सिंह ने उन्होंने आंखों को दान करने का इसलिए फैसला किया, ताकि उनके बेटे की आंखों से कोई देख सके। यही देख उन्हें थोड़ा संतोष होगा, लगेगा कि बेटे का अंश जिंदा है।


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