सावधान! पतंग उड़ाने पर मिल सकती है आपको ये सज़ा

Updated on 14 Jan, 2019 at 5:24 pm

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मकर संक्रांति का पर्व आने वाला है। इस पर्व को पूरे भारत में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। गुजरात में इस पर्व को उत्तरायन के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन तिल-गुड़ के लड्डू बनाए जाते हैं। इस दिन पतंगबाज़ी करने का भी रिवाज़ हैं। सभी लोग मिलकर उत्तरायन के दिन पतंग उड़ाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं पतंगबाज़ी को लेकर इतनी बड़ी बात ?

 

Kite festival in India-काइट फेस्टिवल

 


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पतंगबाज़ी करना सभी को पसंद होता है। पतंग बच्चों से लेकर बडों तक सभी उड़ाते हैं। लेकिन पतंग उड़ाने को लेकर एक ऐसी बात है जो आप में से कम ही लोग जानते होंगे। क्या आप जानते हैं कि पतंग उड़ाने पर भारत में सज़ा का प्रावधान है। नहीं जानते होंगे, चलिए हम आपको बताते हैं।

 

 

अगर आपको भी पतंग उड़ाना पसंद है तो सावधान हो जाइए। एयरक्राफ्ट अधिनियम 1934 के तहत पतंग उड़ाने या पतंग बनाने पर आपको सज़ा हो सकती है। इस अधिनियम के तहत आपको दो साल की सज़ा और 10 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

 



 

दरअसल इस अधिनियम के तहत उड़ाई जाने वाली सभी वस्तुएं जिसमें पतंग और बैलून भी शामिल है, इसे बनाने और मरम्मत करने के लिए लाइसेंस लेना ज़रूरी है। यानी कि आपको संक्रात पर पतंग उड़ाने के लिए भी लाइसेंस लेना पड़ेगा। इसके अलावा यदि पतंग पतंग उड़ाते समय किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई, या इसके कारण किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान पहुंचा तो आपके खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है।

 

 

बता दें कि बीते कुछ सालों में देशभर में पतंग के तेज़ मांझे के कारण कई लोग हादसे का शिकार हुए हैं। जिसे देखते हुए ये कानून सही भी है। क्योंकि इससे आसमान में उड़ने वाले पक्षियों को भी खतरा रहता है। पतंग का मांझा प्लास्टिक से बना होता है। ये डोर इतनी पतली और महीन होती है कि दिखाई भी नहीं दोती है। ये मांझा इतना तेज़ और धारदार होता है कि इससे कई बार गाड़ी चलाते हुए व्यक्ति भी अपनी जान गंवा देते हैं।


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