बैठने का गलत तरीका बना सकता है अपाहिज, कहीं आप भी तो गलत नहीं बैठ रहे?

Updated on 18 Sep, 2018 at 2:09 pm

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आजकल सेहत की चिंता सबको है और ये लाजमी भी है। हम जिस प्रकार की जीवनशैली को अपना रहे हैं, सेहत के लिए खतरा पैदा हो रहा है। घर से लेकर खाने-पीने, उठने-बैठने तक में होने वाले लापरवाही से समस्या पैदा हो रही हैं। विशेषकर कम्यूटर या मोबाइल की आदत हमें जाने-अनजाने बीमार कर रही है। लोग शारीरिक श्रम कम से कम करते हैं और यहीं से रोग को पनपने के आसार बढ़ने लगते हैं। वहीं बैठने का गलत तरीका आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

 

 


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ज्यादातर लोग एक जगह घंटों बैठकर कम्प्यूटर या लैपटॉप पर काम करते हैं। लिहाजा पीठ और रीढ़ के दर्द की समस्या से आपको दो-चार होना पड़ता है। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल की मानें तो 16 से 34 साल आयु वर्ग के लगभग 20 प्रतिशत युवाओं को आज ये समस्याएं हो रही हैं। एक ही जगह पर कई घंटे बैठने से पीठ की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में थकान, पीठ और गर्दन की मांसपेशियों में अकड़न होने लगती है। कामकाज के दौरान लगातार बैठने से कमर दर्द की समस्या हो सकती है।

 

डॉ. अग्रवाल का कहना है-

 

“इस समस्या से निजात पाने के लिए योग का सहारा लेना उपयोगी होता है। योग कार्यात्मक विकलांगता को कम कर दर्द से निजात देता है। आपको अगर बैठने के कुछ देर बाद शरीर में असहजता होती है तो समझ लेना चाहिए कि बैठने की मुद्रा गलत है।”



 

 

पीठ और रीढ़ की हड्डी में जब समस्या उत्पन्न होती है तो वजन घटना, शरीर के तापमान में वृद्धि (बुखार), पीठ में सूजन, पैर के नीचे और घुटनों में दर्द, मूत्र अनियमितता, मूत्र त्यागने में दिक्कत और जननांगों की त्वचा का सुन्न पड़ जाना जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। ऐसे में आप अपनी आदतों में जरूरी सुधार करें और किसी अच्छे चिकित्सक की सलाह भी लें।

 

कुल मिलाकर लगातार बैठने और खड़े होने से बचना चाहिए। साथ ही बैठने की मुद्रा सही रखें और योग का अभ्यास करें। ऐसा करने से न केवल दर्द से बचा जा सकता है, बल्कि आप अपने कामों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकते हैं।


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