महादेव हैं दुनिया के सबसे बड़े पर्यावरणविद; रिसर्च पेपर में शिव गुणगान

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Updated on 6 Jan, 2016 at 2:02 pm

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भगवान भोले शंकर दुनिया के सबसे बड़े पर्यावरणविद हैं। यह उनके किसी भक्त का नहीं कहना है। बल्कि यह कहना है एक रिसर्च पेपर का, जिसे बुधवार को आयोजित होने जा रहे इंडियन सायन्स कांग्रेस में रखा जाएगा। इसे पेश करेंगे एमपी प्राइवेट यूनिवर्सिटी रेग्युलेटरी कमीशन (भोपाल) के चेयरमैन अखिलेश पांडे।

इस पेपर में कहा गया है कि भगवान भोले शंकर ने बहुत पहले ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था। पेपर के मुताबिक, हिन्दुत्व एक प्राचीनतम और विविधताओं से भरा हुआ धर्म है।

यही नहीं, सभी हिन्दू मिथकों में पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया गया है। इसका वजह यह है कि हिन्दुओं ने इसके बारे में बहुत पहले ही जान लिया था।


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कैलाश पर विराजमान इस रिसर्च पेपर में भगवान शिव के जटाजूट, रुद्राक्ष की माला, शेर की खाल और पवित्र गंगा से संबंध को पर्यावरण से जोड़कर देखा गया है।

इसके अंत में लिखा गया है कि आधुनिक रिसर्च भी इस बात को मान रहा है कि आदिकाल में भारतीय पारिस्थितिकी को लेकर बेहद संवेदनशील थे।



आज दुनियाभर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिन्ता है। ग्लोबल वार्मिंग के मुद्दे पर विश्वस्तर पर लगातार बैठकों का दौर जारी है। इस संबंध में कई उपाय भी किए जा रहे हैं। ऐसे में यह रिसर्च पेपर चर्चा का विषय बना हुआ है।

पिछले साल मुम्बई में हुए भारतीय सायन्स कांग्रेस के दौरान प्राचीन भारतीय बिमानन प्रद्यौगिकी नामक एक रिसर्च पेपर पेश किया गया था। इस पेपर में कहा गया था कि राइट बंधुओं से पहले ही महर्षि भारद्वाज ने बिमान बनाने की पद्धति का विकास कर लिया था। इस पर बाद में विवाद छिड़ गया था।

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