अपनी प्रजाति का यह अंतिम नर गैंडा अब दुनिया में नहीं रहा

Updated on 20 Mar, 2018 at 2:32 pm

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दुनिया के अंतिम सफेद नर गैंडे की मौत हो गई है। टॉपयप्स पर हमने इस अंतिम नार्दन व्हाइट राइनो यानी सफेद गैंडा ‘सूडान’ के बारे में अपने पाठकों को बताया था। ‘सूडान’ विलुप्त होने वाली प्रजाति का अंतिम नर गैंडा था, जो केन्या के एक वन्यजीव क्षेत्र में दो मादा गैंडों के साथ रहता था।

 

 


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सूडान को बचाने के मकसद से डेटिंग साइट टिंडर ने एक विज्ञापन जारी किया था। इसके कुछ ही महीने बाद जीव-वैज्ञानिक डेनिल श्नाइडर ने सूडान की एक मार्मिक तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट की थी। इसके बाद ही उदास दिखने वाले इस गैंडे की तस्वीर पूरी दुनिया में वायरल हो गई।

 

 



इस गैंडे की उम्र 45 वर्ष थी। इसके पैर में सक्रमण हो गया था, जिसका इलाज चल रहा था। सूडान नैरोबी से 250 किलोमीटर दूर स्थित पेजेता कन्सर्वेंसी में अपनी प्रजाति की अन्य दो मादा गैंडे के साथ रहता था।

इस प्रजाति को बचाने की काफी कोशिशें की गई थीं। प्राकृतिक तरीके से सूडान का मादा गैंडों के साथ मेल कराने की काफी कोशिशें हुईं। सूडान की अगली पीढ़ी को संसार में लाने के लिए फंडिंग का जुगाड़ भी किया जा रहा था।

 

हालांकि, सूडान की मौत के साथ ही अब यह उम्मीद खत्म हो चुकी है।

आंकड़ों के मुताबिक, 1960 तक इस प्रजाति के 2,000 से अधिक सफेद गैंडे जीवित थे। 1984 में सिर्फ 15 और आज उनमें से केवल पांच ही शेष जीवित हैं। इनमें सूडान अकेला नर था। अकेले दक्षिण अफ्रीका में शिकारियों ने पिछले कुछ सालों में 1,215 गैंडों को मार दिया था, जो 2013 से 20 फीसदी अधिक है।

गैंडे के सींग की काले बाज़ार में बहुत मांग है। एक वयस्क राइनो के सींग का वजन औसतन 1 से 4 किलोग्राम होता है। बाजार में इसकी कीमत करीब 75,000 डॉलर प्रति किलोग्राम होती है। वहीं, वियतनाम में यह मिथक है कि सींग कैंसर के इलाज में कारगर है, जिसकी वजह से काला बाज़ार में इसकी कीमत 100,000 डॉलर तक पहुंच चुकी है।


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