दुनिया के सबसे वजनी बच्चे ने सिर्फ एक महीने में घटाया 31 किलो वजन

Updated on 8 Jan, 2018 at 4:32 pm

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बच्चों को चॉकलेट और आइसक्रीम जैसे मीठे पदार्थ से खुश करना सबसे सहज काम है, लेकिन जब बच्चों को इन चीजों की लत लगती है तो भीषण परिणाम भी हो सकते हैं। मीठे पदार्थ का सेवन तथा जरूरत से ज्यादा खाने की आदत कितना खतरनाक हो सकता है, इसे इंडोनेशिया के इस बच्चे को देखकर सहज अंदाजा लगा सकते हैं।

ये है इंडोनेशिया के पश्चिमी जावा में रहने वाला 11 वर्षीय आर्य परमाना। कई साल तक एक दिन में पांच बार भोजन करने के चलते उसका वजन लगभग 190.5 किलो हो गया था।

बढ़ते वजन के कारण इस बच्चे का जीना मुहाल हो गया था। लिहाजा उसके जीवन की रक्षा के लिए ओमनी अस्पताल में गैस्ट्रिक स्लीव ऑपरेशन करवाया गया। इस ऑपरेशन से आर्य के अमाशय का एक बड़ा हिस्सा निकाल दिया गया। अब उसे भूख कम लगेगी और पेट भरा महसूस होगा।

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डेली मेल के खबर के मुताबिक़, बच्चे की सर्जरी करने वाले डॉ. हैंडी विंग ने कहा कि आर्य को हृदय संबंधी बीमारी होने का ख़तरा अधिक था। दुनियाभर के बच्चों में मोटापा या मोटापाजनित बीमारी होने का एक मूल कारण अव्यवस्थित खानपान है। आर्य के माता-पिता उसे चावल, नूडल्स, चॉकलेट आइसक्रीम और तला हुआ चिकन रोज दिया करते थे।

हालांकि, आर्य के लिए व्यायाम की व्यवस्था भी थी लेकिन उसे लगातार तला हुआ खाना दिया जा रहा था। उसके माता-पिता को तब अपनी गलती का अहसास होना शुरू हुआ, जब आर्य ठीक से दो कदम भी चल नहीं पाता था। वे ऑपरेशन के लिए तब तैयार हुए जब डॉक्टर ने स्पष्ट कहा कि अगर बच्चे को ज़िंदा देखना है तो ऐसा करना होगा।



आर्य की मां ने कहाः

‘मैं प्रेमवश आर्य को अधिक खिलाती रही और जब उसे इसकी आदत हो गई तो भी मैंने इसे जारी रखा। मैंने नियंत्रण नहीं रखा कि मैंने उसे खिलाती रही। आर्य के इस वजन के लिए मैं खुद को दोषी मानती हूं।’

वहीं, ऑपरेशन के एक महीने बाद आर्य का वजन लगभग 31.7 किलो कम हो गया। उम्मीद की जा रही है कि एक साल के भीतर उसका वजन लगभग 99.7 किलो कम हो सकेगा। अभी आर्य को वजन कम करने की दिशा में बहुत काम करने की जरूरत है। लिहाजा वह खेलकूद आदि क्रियाकलाप पर भी ध्यान दे रहा है।


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