अंतरिक्ष में भारत की कामयाबी को दुनिया ने सराहा, चीन को लगी मिर्ची

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12:52 pm 16 Feb, 2017

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अंतरिक्ष में भारत की कामयाबी का दुनिया भर में डंका बज रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा एक साथ 104 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की कक्षा में लॉन्च किए जाने के बाद दुनिया इस कामयाबी की सराहना कर रही है। यह एक विश्व रिकॉर्ड है। दुनियाभर की मीडिया ने इस खबर को प्रमुखता से जगह दी है।

द न्यूयॉर्क टाइम्स लिखता हैः

“एक दिन में उपग्रहों की लॉन्चिग के पिछले रिकॉर्ड से तीन गुना ज्यादा, 104 सैटेलाइट्स की लॉन्चिंग, फिर उन्हें ऑर्बिट में सही तरीके से भेजा गया है। इसने भारत को स्पेस बेस्ड सर्विलांस और कम्युनिकेशन के तेजी से बढ़ते ग्लोबल मार्केट में अहम खिलाड़ी के रूप में पेश किया है।”

द वॉशिंगटन पोस्ट लिखता हैः

“यह लॉन्चिंग इसरो के लिए बड़ी कामयाबी है। कम खर्च में कामयाब मिशन को लेकर इसरो की साख अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बढ़ रही है।”

द गार्डियन लिखता हैः

“नया रिकॉर्ड ब्रेक करने वाली यह लॉन्चिंग तेजी से बढ़ते प्राइवेट स्पेस मार्केट बाजार में एक संजीदा खिलाड़ी के रूप में भारत को मजबूती देगी।”

द टाइम्स ने लिखा हैः


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“भारत इस कामयाबी से स्पेस की फील्ड में नाम करने वाले इलीट देशों में शामिल हो गया है। भारत के कई अहम मिशन का खर्च रूसी, यूरोपीय और अमेरिकी मिशन से काफी कम है।”

वहीं, दूसरी चीन ने भारत की इस कामयाबी को कमतर कर देखा है।

चीन की सरकारी मीडिया ने लिखा है कि एकसाथ 104 सैटेलाइट लॉन्च करना भारत के लिए उपलब्धि तो है, लेकिन भारत अब भी स्पेस के क्षेत्र में अमेरिका और चीन से काफी पीछे है। अखबार की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरिक्ष में कामयाबी सिर्फ नंबर के आधार पर नहीं होती है, इसलिए यह एक लिमिटिड कामयाबी ही है और यह बात भारतीय वैज्ञानिक भी जानते हैं। लेख के मुताबिक, अब तक भारत की तरफ से अंतरिक्ष स्टेशन के लिए कोई योजना नहीं है। साथ ही भारत का कोई अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में अभी मौजूद नहीं है।

गौरतलब है कि इससे पहले जब भारत ने मंगलयान का सफल मिशन किया था तो चीनी मीडिया ने उसे पूरे एशिया के लिए गौरव की बात बताया था और कहा था कि वह भारत के साथ मिलकर स्पेस के क्षेत्र में काम करना चाहता है।

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