दुनिया का सबसे ऊंचा और रहस्यमयी शिवलिंग है भोजेश्वर, अधूरे मंदिर में वास करते हैं महादेव

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Updated on 12 Dec, 2015 at 3:13 pm

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भोजेश्वर महादेव को दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग कहा जाता है। इस शिवलिंग की खासियत है कि यह एक ही पत्थर से निर्मित है। इसकी लम्बाई 18 और व्यास 7.5 फुट है।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 32 किलोमीटर की दूरी पर अधूरे भोजेश्वर मंदिर में अवस्थित इस शिवलिंग के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण परमार वंश के राजा भोज (1010 ई – 1055 ई ) ने करवाया था।

इस रहस्य को अब तक सुलझाया नहीं जा सका है कि यह मंदिर आखिरकार अधूरा क्यों छोड़ दिया गया।

स्थानीय किंवदन्तियों के मुताबिक कहा जाता है कि इस मंदिर की छत का निर्माण एक ही रात को पूरा होना था। अगली सुबह तक काम खत्म न होने की वजह से इसे ऐसे ही छोड़ दिया गया।

भोजेश्वर मंदिर की विशेषता यह है कि मंदिर के गर्भगृह के ऊपर बनी छत को गुम्बदाकार में बनाया गया है। इससे यह साबित होता है कि भारत में इस तरह की स्थापत्य कला का विकास इस्लाम के आने के पहले ही हो चुका था।

हालांकि इसकी शैली थोड़ी अलग जरूर रही थी।

इस मंदिर का दरवाजा भी किसी हिंदू इमारत के दरवाजों में सबसे बड़ा है।


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इसके चार स्तम्भर 40-40 फुट ऊंचे हैं। और गर्भगृह की अधूरी बनी छत इन्हीं चार स्तंभों पर टिकी है।

इस मंदिर के निकट ही पत्थरों पर उल्लखित मंदिर योजना से संबद्ध नक्शों से पता चलता है कि इसके विस्तृत चबूतरे पर ही मंदिर के अन्य हिस्सों, मंडप, महामंडप तथा अंतराल बनाने की योजना थी।

हिन्दू धर्मावलम्बियों के लिए यह स्थान बेहद खास है। इस प्रसिद्ध स्थल पर साल में दो बार वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है, जो मकर संक्रांति व महाशिवरात्रि पर्व के समय होता है। इस धार्मिक उत्सव में भाग लेने के लिए दूर दूर से लोग यहां पहुंचते हैं।

महाशिवरात्रि पर यहां तीन दिवसीय भोजपुर महोत्सव का भी आयोजन किया जाने लगा है।

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