द्रोणवल्ली ने विश्व महिला शतरंज में जीता कांस्य, पुरस्कार को छोड़िए एयरपोर्ट पर कोई लेने भी नहीं गया

9:34 pm 7 Mar, 2017

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भारत में क्रिकेटरों के ऑटोग्राफ के लिए फैन्स के घंटों खड़े रहने की कई कहानियां सामने आती रहती हैं। चाहे महेन्द्र सिंह धोनी हों या विराट कोहली, फैन्स उनके इर्द-गिर्द मंडराते रहते हैं, लेकिन अन्य खेलों के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता। भारत की शतंरंज चैम्पियन द्रोणवल्ली हरिका विश्व शतरंज चैम्पियनशिप में कांस्य जीतकर लौटी, तब उनके लिए यहां कुछ भी नहीं बदला था।

ग्रैंडमास्टर द्रोणवल्ली हरिका पांच मार्च को ईरान की राजधानी तेहरान से लौटीं। उनका स्वागत करने के लिए न तो अधिकारी खड़े थे और न ही फैन्स।

अगर क्रिकेट की बात करें तो खिलाड़ियों के स्वागत के लिए उनके प्रशंसक ढोल-नगारे लिए खड़े होते हैं। साथ ही अधिकारियों की एक बड़ी फौज भी जी-हुजूरी में लगी होती है। यह अलग बात है कि पिछले दिनों आयोजित हुए ओलिम्पिक खेलों में भारत का झंडा बुलंद करने वाली एथलीटों का उनकी वापसी पर भव्य स्वागत किया गया था।

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द्रोणवल्ली हरिका के मामले में ऐसा कुछ भी नहीं था।

द्रोणवल्ली को विश्व महिला शतरंज चैंपियनशिप के सेमीफाइनल टाईब्रेक में चीन की टान झोंग्यी के खिलाफ शिकस्त झेलनी पड़ी थी। साथ ही उन्हें इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक के साथ संतोष करना पड़ा।

द्रोणवल्ली की उपलब्धि को उतना महत्व नहीं दिया गया, जितना कि मिलना चाहिए था। कम से कम सही तरीके से उनका स्वागत किए जाने की जरूरत थी।

द्रोणवल्ली हरिका इससे पहले वर्ष 2015 व 2016 के विश्व शतरंज चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हैं।


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