विश्व बैंक के सहयोग से ताजमहल के काया-कल्प की योजना

Updated on 3 Oct, 2017 at 4:04 pm

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ताजमहल उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश के लिए एक धरोहर की तरह है। यह विश्व समुदाय के सामने भारत की खूबसूरती का चेहरा भी है। इसका आकर्षण ही दुनियाभर से पर्यटकों को भारत आने के लिए प्रेरित करता है। ऐसे में इस साल उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की बुकलेट में ताजमहल को जगह तक नहीं दी गई है। इसको लेकर सरकार की फजीहत हो ही रही थी, लेकिन इस नई घोषणा ने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ताजमहल और इसके आसपास के क्षेत्र को विकसित बनाने के लिए एक योजना पर काम कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वबैंक के सहयोग से संचालित होने वाली प्रो-पुअर टूरिज्म योजना के तहत ताजमहल विकास का खाका तैयार किया है। इस पर करीब 370 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बतायाः”प्रो-पुअर टूरिज्म योजना के अंतर्गत तैयार किए गए इस प्रस्ताव पर काम होगा। इसको विश्व बैंक से विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। हम आशा करते हैं कि भारत सरकार की ओर से अगले 3 महीनों के भीतर इसकी स्वीकृति मिल जाएगी। ताजमहल और ताजमहल के आस-पास के क्षेत्र में आगरा के कछपुरा और मेहताब बाग क्षेत्र का पुनरुद्धार और कछपुरा का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी शामिल है।”


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गौरतलब है कि आगरा के कछपुरा और मेहताब बाग क्षेत्र के पुनरुद्धार की 22 करोड़ 91 लाख रुपए की परियोजना और कछपुरा में 3 करोड़ रुपए की लागत से तैयार कराया जाने वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी इसी 156 करोड़ रुपए के प्रस्ताव में शामिल है। साथ ही ताजमहल और आगरा के किले के बीच शाहजहां पार्क और वॉक-वे के पुनरुद्धार के लिए 22 करोड़ 66 लाख रुपए की परियोजना भी शामिल की गई हैं।

प्रस्ताव के अनुसार, ताजमहल के पश्चिमी गेट पर 107 करोड़ 49 लाख रुपए की धनराशि से आगंतुक केंद्र का निर्माण और पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने की योजना है। इसी के तहत रिवरफ्रंट विकास के साथ-साथ रामबाग से मेहताब बाग क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास की परियोजना भी केंद्र सरकार के पास प्रस्तावित की गई हैं।

यदि ये योजना धरातल पर उतरती हैं तो निश्चय ही ताजमहल देखने आने वाले पर्यटकों को एक नया और बेहतर अनुभव हो सकता है।

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