मुश्किल में फंस गई है यह क्रिकेटर, छिन सकता है DSP का पद

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Updated on 3 Jul, 2018 at 5:07 pm

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भारतीय महिला टी20 टीम के कप्तान क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर विवादों में घिर गई हैं। पंजाब पुलिस ने हरमनप्रीत की ग्रेजुएशन की डिग्री को सत्यापन के दौरान फर्जी पाया है। इसके बाद अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित हरमनप्रीत कौर को पंजाब पुलिस उपायुक्त (डीएसपी) की नौकरी से हाथ भी धोना पड़ सकता है।

मुश्किल में क्रिकेटर

आपको बता दें हरमनप्रीत ने पंजाब पुलिस में 1 मार्च को डीएसपी के तौर पर जॉइनिंग की थी। अब पंजाब पुलिस ने गृह विभाग को पत्र लिखकर हरमनप्रीत कौर की नौकरी रद करने का प्रस्‍ताव रखा है। मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के पास गृह मंत्रालय का कार्यभार है। मूल रूप से पंजाब के मोगा की रहने वाली हरमनप्रीत कौर को भारतीय महिला क्रिकेट टीम में अच्‍छे प्रदर्शन के आधार पर मुख्‍यमंत्री ने पंजाब पुलिस में डीएसपी बनाने का निर्णय लिया था।

 

 

क्या है पूरा मामला

 

पुलिस के मुताबिक जब जलंधर पंजाब पुलिस ने डिग्री के सत्यापन के लिए मेरठ स्थिति चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी को भेजा तो वहां उस डिग्री का रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पाया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कहा गया कि जो कागज में रजिस्ट्रेशन नंबर दिए गए हैं वो यूनिवर्सिटी के नहीं हैं। हरमनप्रीत को डीएसपी के पद पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने ज्वाइन कराया था। यह पद पंजाब सरकार द्वारा ऑफर किए जाने के बाद हरमनप्रीत ने रेलवे की नौकरी छोड़ दी, जिस पर काफ़ी विवाद भी हुआ था।

 

 

कैसे होता है मार्कशीट और डिग्रियों का सत्यापन


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सीसीएसयू के विजिलेंस विभाग में हर महीने देश के तमाम राज्यों से हजारों मार्कशीट और डिग्रियां सत्यापन के लिए आती हैं। इनकी जांच रिकॉर्ड में देखकर की जाती है। अकेले दिल्ली सरकार ने ही 15 सालों से नौकरी कर रहे शिक्षकों के प्रमाण पत्रों को जांचने का जिम्मा सीसीएसयू को दिया है। सिर्फ़ सरकारी ही नहीं, बल्कि प्राइवेट कंपनियां भी मार्कशीट और डिग्रियों का सत्यापन यूनिवर्सिटी से कराती हैं, जिसमें हर महीने चार से पांच डिग्रियां फ़र्ज़ी पाई जाती हैं।

 

 

दर्ज हो सकता है धोखाधड़ी का केस

 

बहरहाल, फर्जी डिग्री का मामला सामने आने के बाद अब हरमनप्रीत की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। इतना ही नहीं, उन पर धोखाधड़ी का केस दर्ज़ होने के साथ रेलवे में नौकरी के दौरान लगाए गए दस्तावेज़ों को भी खंगाला जा सकता है।

 

 

हालांकि, हरमनप्रीत ने फिलहाल सभी आरोपों से इंकार किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार हरमनप्रीत ने कहा, ‘मुझे नहीं मालूम आपसे ये किसने कहा। वैसे तो ऐसा कुछ नहीं है। मैं अपने विभाग से बात करने के बाद ही आपसे इस बारे में कोई बात कर सकती हूं।’

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