पति से त्रस्त थी मुस्लिम महिला, प्रेस कॉन्फ्रेन्स में पत्रकारों के सामने दिया तलाक

Updated on 10 Sep, 2017 at 5:09 pm

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लखनऊ में एक मुस्लिम महिला द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेन्स में मीडिया के सामने हिंसक पति को तलाक देने का मामला सामने आया है। पेशे से शिक्षक शाजदा खातून का आरोप है कि शादी के बाद से ही शौहर और उसके परिजनों ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया था। वह तलाक चाहती थीं, इसके लिए मौलवियों के पास भी गई, लेकिन उन्होंने इसका कोई हल नहीं निकाला। अंत में आजिज होकर उन्होंने मीडिया के सामने पति को खुला के जरिए तलाक दे दिया।


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स्थानीय कॉफी हाउस में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेन्स में शाजदा ने कहा कि वह रजिस्टर्ड डाक से शौहर को खुला की जानकारी भेज चुकी हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2005 से जुबेर अली से शादी के बाद उनकी जिन्दगी नर्क बन गई है। उन्होंने जुबेर के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला। शाजदा पेशे से शिक्षिका हैं और पिछले 18 महीनों से अपने पति से अलग रह रही हैं। उनका पति एक मोटर मैकेनिक है।

गौरतलब है कि कुछ ही सप्ताह पहले सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक़ को अंसवैधानिक घोषित किया था।

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली कहते हैंः

“भले ही शाजदा ने खत के जरिए खुला मांगा है, इसकी गुंजाइश नहीं है। शरीयत में औरत खुद से खुला दे, ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। अगर मर्द तलाक नहीं दे रहा है तो औरत को दारुल कजा (इस्लामिक कोर्ट) आकर खुला मांगना होगा। इसके बाद एक प्रक्रिया है। उस प्रक्रिया के माध्यम से दारुल कजा औरत को खुला दिलाएगा।”

वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता नाइश हसन का दावा है कि मौलवी अपने हिसाब से व्याख्या कर रहे हैं। हसन के मुताबिक, कुरआन में इस बात की पूरी इजाजत है कि अगर मर्द तलाक नहीं दे रहा तो औरत खुद से खुला दे सकती है। यह तरीका जायज है।

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