कुपवाड़ा में शहीद हुए जवान की पत्नी भारतीय सेना में शामिल होने को तैयार

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5:41 pm 6 Jun, 2016

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जब कर्नल संतोष महादिक जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में 17 नवंबर, 2015 को आतंकियों से लोहा लेते हुए अपनी मातृभूमि के लिए शहीद हो गए थे। उस वक्त उनकी 32 वर्षीया पत्नी ने उनकी चिता के समक्ष खुद से एक वायदा किया था कि वह भारतीय सेना में शामिल होकर अपने पति की जिम्मेदारियों को पूरा करेंगी। यही उनके पति को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

अब आठ महीने बाद, वह उस वायदे को पूरा करने की तरफ एक कदम आगे बढ़ा चुकी हैं। उन्होंने अपनी मेहनत के बूते पर सेवा चयन बोर्ड (SSB) के सभी पांच राउंड पास कर लिए हैं।

Santosh Mahadik family

मिड डे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्वाति की मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट मिलते ही उन्हें चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

स्वाति ने सामाजिक कार्य में एमए किया हुआ है और साथ ही वह केंद्रीय विद्यालय में टीचर थीं, लेकिन सेना में भर्ती होने के लिए उन्होंने अपनी जमी-जमाई नौकरी छोड़ दी।



41 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के आतंकवाद विरोधी बल के कमांडिंग अधिकारी 38 वर्षीय कर्नल संतोष महादिक ने अपने प्राण आतंकवादियों के खिलाफ लड़ते हुए देश के लिए न्योछावर कर दिए थे।

Santosh Mahadik


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2003 में उनकी और स्वाति की शादी हुई थी। स्वाति के एक 12 साल की बेटी और 6 साल का बेटा है। एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्वाति अपने दोनों बच्चों को सेना में शामिल करना चाहती हैं।

Santosh Mahadik


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स्वाति का कहना है कि मेरे पति का पहला प्यार भारतीय सेना थी और उनसे शादी करने के बावजूद मैं उनका पहला प्यार नहीं बन सकी। अपने पति का प्यार बनाए रखते हुए मैं भी भारतीय सेना में शामिल होना चाहती हूं।

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