ओलंपिक या वर्ल्ड कप 4 साल बाद ही आते हैं, कारण जानते हैं आप?

9:00 am 1 Jul, 2018

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ज्यादातर वैश्विक खेल मुकाबले 4 साल बाद ही आयोजित होते हैं। आपने इस पर कभी सोचा है कि ये 2 साल, 3 साल पर भी तो हो सकते हैं, जो कि होते नहीं। हमने इस पर तहकीकात की तो कई बातें पता चली, जो आपसे शेयर करने जा रहे हैं।

 

 


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दरअसल, इस जानकारी के लिए इतिहास खंगालना बेहद जरूरी है, तभी कारण के जड़ तक पहुंचा जा सकता है। 776 ईसा पूर्व की बात है, जब सैनिकों के बीच खाली समय में खेल प्रतियोगिताएं कराई जाती थीं। ये उनके अभ्यास का जरिया हुआ करता था, जो बाद में नियमित खेल आयोजनों के रूप में बदल गया।

 

 

जब सैनिकों की खेल प्रतियोगिता लोकप्रिय हो रही थी, तो इसमें आम खिलाड़ियों को भी मौके दिए जाने लगे। सैनिकों के सीमित समय और तैयारियों को देखते हुए 4 वर्ष की अवधि के बाद आयोजन होने लगे। इस 4 साल की अवधि को ‘ओलंपियाड’ कहा गया जो कि ओलंपिया पर्वत के नाम पर है। वहीं ये खेल आयोजन हुआ करते थे।

 

 

जब साल 1896 में ग्रीस (एथेंस) से ओलंपिक खेलों को शुरू किया गया था तभी इसे हर चार साल पर आयोजित करने की परंपरा सी बन गई। अन्य खेल प्रतियोगिताओं ने भी खेल प्रबंधन आदि के लिए समय की जरूरत के हिसाब से इसे ही अपनाया। गौर करने की बात ये है कि उस दौर में आने-जाने के लिए हवाई माध्यम नहीं थे, लेकिन आज स्थिति तेजी से बदली है।

 

 

फ़ुटबाल में FIFA और क्रिकेट में ICC टीमों और खिलाडियों पर बहुत ही ज्यादा ध्यान देती है। लिहाजा अनेकों टूर्नामेंट का आयोजन होता रहता है। ये भी एक कारण है कि बड़े आयोजनों पर 4 साल का समय लिया जाता है।

 

 

जहां तक ओलंपिक की बात है तो इसकी शुरुआत 6 अप्रैल, 1896 को ग्रीस (एथेंस) से हुई थी, जिसमें 14 देशों के 200 एथलीटों ने 43 मुक़ाबलों में भाग लिया था। ओलंपिक 1896 से हरेक चार साल पर आयोजित किया जाता है। वहीं, फीफा फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप और क्रिकेट वर्ल्ड कप हर चार साल के बाद खेला जाता रहा है। हालांकि, आपात स्थिति में ये आयोजन रोके भी जाते रहे हैं।


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