Topyaps Logo

Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo

Topyaps menu

Responsive image

अब तक दुनिया कई बार तीसरे विश्व युद्ध के कगार पर पहुंच गई है, गनीमत है कि हम अब तक बचे हैं

Published on 9 May, 2018 at 1:35 pm By

पूरी दुनिया जिस तरह से परमाणु हथियारों का जखीरा जमा कर रही है, उससे लगता है यदि तीसरा विश्व युद्ध हुआ तो पूरी दुनिया तबाह हो जाएगी। पिछले 70 सालों में दुनिया के कई देशों में जबर्दस्त विवाद हुए। कई बार तो ऐसा लगा कि शायद तीसरा विश्व युद्ध न छिड़ जाए, मगर ऐसा कुछ हुआ नहीं।


Advertisement

हाल ही में अमेरिका ने सीरिया पर यह कहते हुए हमला कर दिया कि उसके पास रासायनिक हथियार हैं। रूस के विरोध के बावजूद इस हमले में चीन और इराक ने अमेरिका का साथ दिया। हालात इतने बिगड़ गए थे कि लगा विश्व युद्ध की स्थित न आ जाए, मगर शुक्र है कि ऐसा नहीं हुआ। अब तक तीन ऐसे मौके आ चुके हैं जब दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर पहुंच गई थी।

 

नॉर्वेजियन रॉकेट घटना

25 जनवरी 1995 को अमेरिका और नॉर्वे के वैज्ञानिकों ने मिलकर एक रॉकेट लॉंन्च किया। वैज्ञानिक उपकरणों से लैस इस रॉकेट का मकसद स्वालबोर्ड पर उत्तर ध्रुवीय आभा का अध्ययन करना था। ये रॉकेट जैसे ही 15 हजार किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा और हवा में इसने रूस की राजधानी मॉस्को का रुख किया, तो रूसी अधिकारियों को खतरा महसूस हुआ। उन्हें लगा कि शायद ये परमाणु हमला है, जिसके बाद रूसी अधिकारियों ने अपनी फौज को सतर्क कर दिया।

 

 


Advertisement

न्यूक्लियर ब्रीफकेस अपने आप एक्टिव हो गया और रूस के राष्ट्रपति ने न्यूक्लियर की को एक्टिवेट कर दिया। ऐसा पहली बार हुआ जब न्यूक्लियर की को एक्टिवेट किया गया, मगर उसे चलाने की इजाजत तब तक नहीं दी गई थी। उन लोगों ने थोड़ा इंतज़ार करने की सोची। इसी बीच 8 मिनट के अंदर रूस पर्यवेक्षकों ने देखा कि रॉकेट अपनी दिशा बदल रहा है, जिसके बाद रूसी अधिकारियों ने राहत की सांस ली और परमाणु हथियार नहीं चलाए गए।

 

क्यूबा मिसाइल संकट

1962 में क्यूबा में फिदैल कास्त्रो की सत्ता थी। उस समय अमेरिका से दुश्मनी के चलते क्यूबा सोवियत संघ के करीब आता गया और उसके ऊपर बहुत हद तक निर्भर था। उस दौरान रूस और अमेरिका में शीत युद्ध जैसी स्थिति थी।



 

 

अमेरिका पश्चिमी यूरोप और तुर्की में परमाणु अड्डे बना रहा था, जिसकी वजह से रूस परेशान था। इसके जवाब में रूसी नेता निकिता खुर्शचेव ने चोरी-छिपे क्यूबा के कुछ ठिकानों पर परमाणु अड्डे बनाए, लेकिन अमेरिका के जासूसी जहाजों को इसका पता चल गया और इसकी तस्वीरें सामने आ गईं। जहां पर परमाणु हथियार तैनात किए गए थे, वहां से अमेरिका की दूरी महज 90 मील की थी। अमेरिका के उस वक्त के राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने इस बारे में सभी अमेरिकियों को जानकारी दी। अमेरिका ने क्यूबा हर हमले की योजना बनाई, मगर ये इतना आसान नहीं था। अक्टूबर 24 को जब रूस का जहाज क्यूबा के पास पहुंचा, तो उसका सामना अमेरिकी सेना से हुआ 13 दिनों तक दुनिया पर तीसरे विश्व युद्ध का खतरा मंडराता रहा। लेकिन समझदार रूसी नेतृत्व ने क्यूबा से अपने परमाणु हथियार हटाने का फैसला लिया मगर इस शर्त पर की अमेरिका क्यूबा पर हमला नहीं करेगा और तुर्की और इटली से अपने परमाणु अड्डे हटा लेगा। इस तरह दुनिया एक महायुद्ध से बच गई।

 

1983 में रूस में गलत परमाणु अलार्म घटना

44 साल के लेफ्टिनेंट कर्नल पेट्रोव 1983 में मॉस्को में एक सीक्रेट कमांड स्टेशन पर अपनी ड्यूटी पर थे, तभी उन्हें कंप्यूटर पर सिग्नल मिला की अमेरिका ने रूस पर परमाणु हमला कर दिया है। ऐसे में उनकी ड्यूटी थी कि वो इस बारे में फौज को तुरंत सूचना दे और जवाबी हमले के लिए तैयार रखे, मगर उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, बल्कि ये बात शीर्ष अधिकारियों से छुपाए रखी।

 

 

2013 में बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें सिग्नल मिला कि रूस पर अमेरिका ने परमाणु हमला कर दिया है, अगर वो ये सूचना तुंरत आगे बढ़ा देते तो कोई बिना सवाल किए ही हमला की कार्रवाई कर देता, मगर उन्होंने इसे छुपाए रखा और आर्मी हेटक्वार्टर को बस इतना बताया कि कंप्यूटर में कुछ गड़बड़ी हुई है। उसके बाद कुछ देर के लिए वो चुप बैठे रहे, हालांकि उनके मन में डर तो था क्योंकि ये देशवासियों और देश की सुरक्षा का सवाल था, मगर 23 मिनट के बाद भी जब किसी तरह के हमले की सूचना नहीं मिली तो उन्हें यकीन हो गया कि बस कंप्यूटर की खराबी के कारण हुआ कोई हमला नहीं हुआ था।


Advertisement

इस तरह कर्नल पेट्रोव की समझदारी से तीसरा विश्व युद्ध होते-होते बच गया।

Advertisement

नई कहानियां

सोशल मीडिया पर छाया ये सेक्सी ‘आइसक्रीम मैन’, वायरल हुआ वीडियो

सोशल मीडिया पर छाया ये सेक्सी ‘आइसक्रीम मैन’, वायरल हुआ वीडियो


तो इसलिए देश के सबसे बड़े टैक्सपेयर हैं अक्षय कुमार? रितेश देशमुख ने बताई वजह

तो इसलिए देश के सबसे बड़े टैक्सपेयर हैं अक्षय कुमार? रितेश देशमुख ने बताई वजह


टैटू की दीवानगी में इस लड़की ने बना डाला रिकॉर्ड, दोस्त कहते थे पागल

टैटू की दीवानगी में इस लड़की ने बना डाला रिकॉर्ड, दोस्त कहते थे पागल


गेमिंग वर्ल्ड में कदम रखने की तैयारी में Snapchat!

गेमिंग वर्ल्ड में कदम रखने की तैयारी में Snapchat!


अमित भड़ाना: वकालत की पढ़ाई की, लेकिन दिल की सुनी और बने गए यूट्यूब स्टार

अमित भड़ाना: वकालत की पढ़ाई की, लेकिन दिल की सुनी और बने गए यूट्यूब स्टार


Advertisement

ज़्यादा खोजी गई

और पढ़ें History

नेट पर पॉप्युलर