तमिलनाडु के तट पर व्हेल्स ने की थी सामूहिक आत्महत्या, लेकिन क्यों?

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Updated on 11 Jul, 2016 at 4:34 pm

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तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में 250 से अधिक व्हेल मछलियों के बहकर समुद्रतट पर आने की घटना को इनके सामूहिक आत्महत्या का मामला कहा जा रहा है। इससे पहले टॉपयाप्स ने इस संबंध में रिपोर्ट प्रकाशित की थी।

पर्यावरणविद मानते हैं कि समुद्र के अंदर होने वाली किसी परिघटना की वजह से व्हेल मछलियों ने इस समूह ने किनारे तक आकर आत्महत्या कर ली। व्हेल मछलियां आमतौर पर सामाजिक होती हैं और समूहों में रहना पसंद करती हैं।

रिपोर्टः समुद्रतट पर बहकर आ गईं 250 व्हेल मछलियां; 30 से अधिक मरीं

गौरतलब है कि सोमवार को 250 से अधिक बड़ी मछलियां किनारे तक आ गईं थीं, जिनमें 30 से अधिक की मौत हो गई। जबकि स्थानीय लोगों ने बाकी मछलियों को समुद्र में वापस धकेल दिया था।


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यह घटना हुई है मनापाडु और कलामोझी गांवों के बीच। वर्ष 1973 में इसी तरह की एक घटना में 147 व्हेल मछलियों ने समुद्रतट पर आकर अपनी जान दे दी थी।

व्हेल मछलियों पर लंबे समय से काम करने वाले विशेषज्ञ कुमारम सतशिवम कहते हैंः

किनारे पर आ गईं व्हेल मछलियों को बचाना बेहद मुश्किल होता है। रेत में फंस जाने की स्थिति में उन पर लगातार पानी डालना होता है, क्योंकि उनके बाहरी आवरण पर वसा की मोटी परत चढ़ी होता है। हो सकता है कि समुद्र में हो रही किसी परिघटना की वजह से ये तट तक आ गए थे और अपनी जान दे दी।

राज्य सरकार का मत्स्य विभाग इस मामले में जांच शुरू कर चुका है। हालांकि, अब तक यह बात साफ नहीं हो सकी है, आखिर किन कारणों की वजह से इन मछलियों ने अपनी जान दे दी। इस बीच, तुतीकोरिन के जिलाधिकारी ने भी समुद्रतट का दौरा किया है।

गौरतलब है कि पिछले साल जून महीने में एक 42 फुट लंबी ब्लू व्हेल समुद्रतट पर आ गई थी। बाद में चोटों की वजह से उसकी मौत हो गई।

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