अब पश्चिम बंगाल नहीं; बंगाल, बांग्ला या बंगो कहिए

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Updated on 2 Aug, 2016 at 6:09 pm

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अब पश्चिम बंगाल के नाम बदलने के निर्णय पर मुहर लग गई है। इस राज्य का नाम बदल कर बांग्ला या बंगो किया जाएगा।

इस बात की जानकारी देते हुए तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर ने पार्थ चटर्जी ने कहा कि राज्य का नाम बंगाल या बंगो किया जाएगा, जबकि अंग्रेजी में इसे बंगाल के नाम से जाना जाएगा। कुल मिलाकर कवायद वेस्ट शब्द को संपादित करने की है।


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नाम बदलने के इस निर्णय को साकार करने के लिए जल्दी ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।

हाल के वर्षों में कई राज्यों और शहरों के नाम बदल दिए गए। मद्रास का नाम बदल कर चेन्नई कर दिया गया, वहीं बम्बई को मुम्बई और कलकत्ता को कोलकाता बनाया गया। दूसरी तरफ, गुड़गांव को हाल ही में गुरूग्राम नाम दिया गया है।



जब देश आजाद हुआ था, उस वक्त राज्य दो भागों में बंट गया। पूर्वी बंगाल व पश्चिमी बंगाल। आज पूर्वी बंगाल को बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है।

इस बीच, भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो ने नाम परिवर्तन की कवायद का स्वागत किया है।

गौरतलब है कि राज्य का नाम बदले जाने की कवायद काफी दिनों से चल रही है।

राज्य सरकार का मानना था कि अंग्रेजी में वेस्ट बंगाल नाम होने से केन्द्र सरकार की बैठक में इस राज्य के प्रतिनिधियों को अंतिम में बुलाया जाता है। बैठक में राज्यों के प्रतिनिधियों को अंग्रेजी वर्णमाला के आधार पर क्रम-क्रम से बुलाया जाता है। वेस्ट बंगाल का नाम अंग्रेजी वर्णमाला के डब्ल्यू से शुरु होता है। डब्ल्यू अंतिम में होने से इस राज्य के प्रतिनिधियों को बैठक में अंतिम में बुलाया जाता है। अपनी बारी का इंतजार करने में घंटों बैठना पड़ता है।

पिछले महीने दिल्ली में अंतर्राज्यीय परिषद की बैठक में अंतिम में बुलाए जाने से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महज 12 मिनट ही बोल पाई।

इतना ही नहीं अपनी बात रखने के लिए ममता बनर्जी को 6 घंटा इंतजार करना पड़ा, जबकि बैठक में राज्य की समस्याओं को रखने के लिए मुख्यमंत्री काफी तैयारी कर दिल्ली गई थी।

अंग्रेजी वर्णमाला के बी अक्षर से राज्य का नाम होने पर बैठक में बंगाल के प्रतिनिधियों को जल्दी बुलाया जाएगा।


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