पश्चिम बंगाल सरकार को संयुक्त राष्ट्र का ईनाम, देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

Updated on 25 Jun, 2017 at 9:14 am

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सत्ता में आने के बाद से ही राज्य में महिलाओं की बेहतरी के लिए काम करना शुरू कर दिया था। महिला सशक्तिकरण को लेकर कई योजनाएं शुरू कई गई। ऐसी ही एक योजना लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने वाली भी थी, जिसने संयुक्त राष्ट्र तक वाहवाही लूटी है।

संयुक्त राष्ट्र ने पश्चिम बंगाल कई ‘कन्याश्री प्रकल्प’ को सर्वोच्च लोक सेवा पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला लिया है। द हेग स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा है कि 62 देशों की 552 योजनाओं में से ‘कन्याश्री प्रकल्प’ को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा फोरम में प्रथम पुरस्कार की ट्रोफी और प्रमाणपत्र स्वीकार किया। ‘कन्याश्री प्रकल्प’ लड़कियों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ सशर्त नकदी अंतरण की योजना है। राज्य की ओर से पुरस्कार प्राप्त करने के बाद बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल और भारत के लोगों के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि और गौरव की बात है।

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‘कन्याश्री प्रकल्प’ स्कीम के तहत करीब 32 करोड़ रुपए सीधे जरूरतमंदों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए। इस स्कीम को 16,000 स्कूलों और संस्थानों के जरिए चलाया गया। समाज के गरीब तबके तक पहुंचने और उनको इस स्कीम में शामिल करने के कारण इस स्कीम को अवॉर्ड के लिए चुना गया। अवॉर्ड लेते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि यह पश्चिम बंगाल और भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।


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