पिछली जेब में पर्स रखने की गलती न करें, हो सकते हैं खतरनाक बीमारी के शिकार

Updated on 28 May, 2018 at 4:56 pm

Advertisement

‘कितने पैसे हुए’ ये कहते हुए अक्सर आपने लोगों को पिछली जेब से बटुआ निकालते देखा होगा। ज्यादातर लोग पैंट या जींस की पिछली जेब में ही अपना पर्स रखते हैं, लेकिन क्या आप जानते है कि ऐसा करते हुए आप किसी घातक बीमारी को न्योता दे रहे हैं।

जी हां, आपकी पैंट की पिछली पॉकेट में रखा पर्स आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर सकता है। कई तरह के कार्ड्स और पैसों से भरा आपका पर्स सुरक्षा के साथ साथ आपकी सेहत के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।

हाल ही हुए एक अध्ययन में ये बात सामने आई है कि पिछली पॉकेट में पर्स रखकर बैठने से आप पायरी फोर्मिस सिंड्रोम नामक बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।

 

पिछली जेब में न रखें बटुआ (Don't put Purse in back pocket)

widencdn


Advertisement

 

दरअसल, पिछली जेब में मोटा बटुआ रखकर बैठने से शरीर की पायरी फोर्मिस मसल्स के साथ साथ साइटिका नस भी दब जाती है, जिसके कारण कमर में असहनीय दर्द होता है। डॉक्टरों का कहना है कि जब हम पर्स को पिछली पॉकेट में रखकर बैठते हैं तो इससे हमारी कमर से गुजरने वाली साइटिका नस पर दबाव पड़ता है, जिसकी वजह से आपके हिप जॉइंट और कमर में दर्द होता है।

आमतौर पर भी आपने कई बार पिछली जेब में पर्स रखकर बैठने पर दर्द का अनुभव किया होगा।

 

 

साइटिका नस शरीर की सबसे लंबी नस होती है जो शरीर के पिछले हिस्से से शुरु होकर पैरों की एड़ियों तक जाती है। पर्स के वजन के कारण दिल की धमनियों से कमर और हिप जॉइंट के रास्ते पैरों तक जाने वाली इस नस पर भारी असर पड़ता है, जिससे पैरों की सूजन बढ़ जाती है। ये आपके कूल्हों से लेकर पैरों तक की मूवमेंट को प्रभावित करती है।

 



 

अगर आप भी पर्स को आधे घंटे से ज्यादा पिछली जेब में रखकर बैठने के आदी हैं, तो निश्चित तौर पर आप भी अपनी कमर में इस तरह के दर्द को महसूस करेंगे।

 

 

इस बीमारी को देखते हुए डॉक्टर्स माइक्रो वॉलेट रखने की सलाह दे रहे हैं, आगर आप भी सिटिंग जॉब करते हैं तो अपने बटुए को पिछली जेब में रखकर काम करने से बचें। ऑफिस में काम करते वक्त आप अपना बटुआ किसी बैग या लॉकर में रखें। याद रहे इलाज से परहेज बेहतर है।

 

 


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement