अब तक रहस्य हैं विट्ठल मंदिर के संगीत खम्भे

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Updated on 29 Dec, 2015 at 11:45 am

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16वीं सदी में कर्नाटक के हम्पी में निर्मित विट्ठल मंदिर के संगीत खम्भों का रहस्य अब तक उजागर नहीं हो सका है। दरअसल, इस मंदिर में 56 स्तम्भ हैं, जिन्हें थपथपाने पर संगीत सुनाई देता है।

हालांकि, लोगों की बढ़ती भीड़ की वजह से इस संरचना को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही थी। इसलिए इन खम्भों को थपथपाने पर रोक लगा दी गई है।

पर्यटकों के लिए योग्य स्थान


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तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी किनारे पर स्थित भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर पर्यटकों के भ्रमण के लिए एक योग्य स्थान है। यह मूल दक्षिण भारतीय द्रविड़ मंदिरों की स्थापत्य शैली का प्रतिनिधित्व करता है। इसका निर्माण राजा देवराय द्वितीय के शासनकाल में किया गया था।

भव्य है यह मंदिर

भगवान विष्णु का यह मंदिर बेहद भव्य है। अलंकृत स्तम्भ और बरीक नक्काशियां इसकी खासियत हैं। मूर्तियों को मंदिर के गर्भगृह में रखा गया है और जहां केवल मुख्य पुजारी को ही जाने की अनुमति है। मंदिर परिसर में ही कई अन्य मंदिर, मंडप और विशाल कक्ष बनाए गए हैं।

पत्थर का रथ है आकर्षण

मंदिर परिसर में मौजूद पत्थर का रथ पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है। यह रथ खास है। बेहद वजनी होने के वावजूद पत्थर के बने पहियों की मदद से इसे स्थानांतरित भी किया जा सकता है।

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