पूरी तरह नहीं देख पाने के बावजूद IIM में दाखिले का सपना किया साकार

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6:56 pm 11 Apr, 2017

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21 वर्षीया छात्रा प्राची सुखवानी पूरी तरह देख पाने में सक्षम नहीं हैं। वह करीब 80 फीसदी दृष्टिबाधित है, इसके बावजूद प्राची ने प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्‍थान आईआईएम अहदाबाद में दाखिले का अपना सपना साकार कर लिया है।

गुजरात की रहने वाली प्राची जब 3 साल की थी, तभी से उनकी आंखों में विकार आना शुरू हो गया था। आनुवांशिक विकार की वजह से प्राची की 80 फीसदी आंखों की रोशनी जा चुकी है और उनके इस रोग का कोइ इलाज नहीं है।

प्राची के आंख की रोशनी भले ही धीरे-धीरे कम होती गई, लेकिन उनकी आंखों का सपना कभी धुंधला नहीं पड़ा।

वह लंबे समय से आईआईएम अहदाबाद में पढ़ाई करना चाहती थीं। प्राची ने कैट 2016 में 98.55 फीसद अंक हासिल किए और इसके साथ ही अपना लक्ष्य भी हासिल कर लिया है।



प्राची का लक्ष्य लंबे समय में एक स्टार्टअप कंपनी की स्थापना है। साथ ही वह नेत्रहीन लोगों के लिए एक एनजीओ खोलना चाहती हैं।


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