वर्जिनिटी जानने की ये परंपराएं बेहद अजीब और अपमानजनक हैं, आप खुद देख लीजिए

Updated on 31 Mar, 2018 at 12:57 pm

हम 21वीं सदी में आ गए हैं और दुनिया इसे लगातार सेलिब्रेट भी करती रही है। हालांकि, दुनिया के कई इलाके अब भी ऐसे हैं जहां परंपराओं के नाम पर दकियानुसी व्यवस्था आज भी कायम है। लड़कियों में वर्जिनिटी जानने की परंपरा भी ऐसी ही दकियानुसी व्यवस्था में से एक है।

 

 


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वर्जिनिटी या कौमार्य के आधार पर किसी के चरित्र को जानने की परंपरा बेहद घटिया मानसिकता का परिचायक है। इस मुद्दे पर अखबारों में बुद्धिजीवियों ने लगातार लिखा है। जहां तक इन्टरनेट की बात है तो एक बार गूगल सर्च करने पर आपको सैकड़ों ऐसे आलेख मिल जाएंगे जो लड़कियों में वर्जिनिटी जानने की परंपराओं का विरोध करते हैं।

वैश्विक समाज में कौमार्य को लेकर तमाम धारणाएं मौजूद हैं। अलग-अलग जगहों पर आज भी लड़कियों को अपने चरित्र का प्रमाण देना पड़ता है। आज हम इस लेख के माध्यम से इस अपमानजनक परंपरा के बारे में जानने की कोशिश करेंगे।

आंखों को जांचकर जानते हैं वर्जिनिटी

 

दक्षिण अफ्रीका का एक समुदाय लड़की की आंखों में देखकर उसके वर्जिन होने या न होने का पता लगाते हैं। लड़की की आंखों में कथित तौर पर मासूमियत देखी जाती है। वहीं, कई समुदायों में तने स्तन वर्जिनिटी का प्रमाण होते हैं।

पानी से जांचते हैं पवित्रता

 

अपने देश में मौजूद कई समुदायों में महिला के चरित्र को जांचने का अजीब पैमाना है। इस रिवाज के तहत जब तक कोई सौ कदम चलता है, तब तक महिला को सांस रोककर पानी के अंदर रहना होता है। सफल होने पर महिला को पवित्र मान लिया जाता है।

सफेद चादर और चरित्र

 

कई स्थानों पर सुहागरात के अवसर पर जोड़े के बिस्तर पर सफेद चादर बिछाने का रिवाज है। अगली सुबह परिवार के लोग उस चादर पर रक्त के निशान खोजते हैं और इसे कमरे के बाहर मौजूद लोगों को दिखाई जाती है। चादर पर रक्त के धब्बे मिलने पर लड़की को वर्जिन मान लिया जाता है।

वर्जिनिटी की नीलामी

 



देश के कई इलाकों में लड़की के जवान होने पर उसके कौमार्य की नीलामी होती है। सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले लड़की मिल जाती है।

वर्जिनीटी टेस्ट करने का सबसे घटिया तरीका

 

दुनिया के कई समुदाय में लड़की की योनि में दो उंगलियां डाल कर उसकी वर्जिनिटी का अनुमान लगाया जाता है। कथित तौर पर इसमें फेल होने पर लड़की को अपने पार्टनर का नाम बताना होता है। ऐसा लड़की की शादी से ठीक पहले किया जाता है। अगर लड़की इस टेस्ट में फेल हुई है तो लड़की के ससुराल वालों को पैसे देने पड़ते हैं।

सऊदी अरब की अजीब परंपरा

 

सऊदी अरब सहित कई मुस्लिम देशों में रिवाज है कि शादी के दिन लड़की को अपना अंगूठा सफेद कपड़े में लपेट कर कुछ देर के लिए अपनी योनि में रखती है। बाहर निकालने पर यदि इसमें खून लगा होता है तो लड़की को वर्जिन मान लिया जाता है।

इथोपिया में होती है हिंसा

 

अफ्रीकी देश इथोपिया में दूल्हे के स्कार्फ पर सुहागरात मनाए जाने का रिवाज है। इस पर खून के धब्बे नहीं मिलने पर लड़की पर हिंसा होती है, उसे पीटा जाता है। शादी भी तोड़ दी जाती है। अगर उस पर खून के निशान मिलते हैं तो उस स्कार्फ को दुल्हन के घर भेजा जाता है, ढेर सारे उपहारों के साथ।

अब बात पुराने जमाने की

 

प्राचीन रोम में लड़कियों को तीस साल की उम्र तक अपनी वर्जनिटी को बचाकर रखना होता था। अगर इससे पहले वह अपनी वर्जिनिटी खो देती थीं तब उन्हें जिन्दा दफना दिया जाता था।

इतना तो तय है कि वर्जिनिटी के आधार पर किसी महिला के चरित्र का आकलन बेहद अपमानजनक है। महिला सशक्तिकरण के इस दौर में इन प्रथाओं को जड़ से उखाड़ फेंकने की जरूरत है, तभी सही मायने में हम महिलाओं को आजादी दे सकेंगे।

इस बारे में आपका क्या कहना है? हमें अपने विचारों से जरूर अवगत कराएं।


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