विराट कोहली को टीम में सेलेक्ट करने की वजह से गई थी इस शख्स की नौकरी

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Updated on 6 Nov, 2017 at 3:14 pm

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महेंद्र सिंह धोनी के भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद टीम इंडिया की कमान विराट कोहली को सौंपी गई। टीम की मैनेजिंग टीम और धोनी ने विराट पर भरोसा जताया कि टीम इंडिया का भविष्य विराट के हाथों में सुरक्षित है। दुनियाभर में मौजूद लगभग हर क्रिकेट प्रेमी कोहली को जानता है।

यह कहना गलत नहीं होगा कि कप्तान कोहली अपनी प्रतिभा के बलबूते पर क्रिकेट की दुनिया के शिखर पर पहुंच गए है। आज विराट जिस मुकाम पर हैं, वह दुनियाभर में एक ब्रैंड बनकर उभरे हैं।

 

एक ओर जहां उनकी कप्तानी में टीम इंडिया कामयाबी की नई इबारत लिख रही है, वहीं उनका बल्ला रनों का अंबार लगा रहा है। क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में उनका प्रदर्शन कमाल का है। क्रिकेट के मैदान पर कामयाबी के साथ-साथ कोहली कमाई के मामले में भी कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते जा रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली फोर्ब्स लिस्ट में दुनिया के सर्वाधिक कमाई करने वाले 100 खिलाडि़यों की सूची में जगह बनाने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं।

फोर्ब्स की लिस्ट के मुताबिक भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली दुनिया के सबसे कीमती स्पोर्ट्स ऐथलीट की सूची में स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी से आगे हैं।

कोहली 7वें पायदान पर तो वहीं मेसी 9वें नंबर पर हैं। कोहली की ब्रैंड वैल्यू 14.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, वहीं मेंसी की ब्रैंड वैल्यू 13.5 मिलियम डॉलर है।

हालांकि, आज जिस मुकाम पर कोहली है उसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है। आज कोहली का नाम बच्चा-बच्चा जानता है। कई नामी गिरामी बड़े ब्रांड्स के साथ वह जुड़े हैं और एक के बाद एक मैच में टीम इंडिया को जीत दिलाने में वह अपना विशेष योगदान देते हैं। लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब वह क्रिकेट की दुनिया में वह एक नौसिखिए थे और शायद ही कोई उन्हें टीम में शामिल करना चाहता था।


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आपको यह सुन कर विश्वास नहीं होगा कि जिन्होंने विराट कोहली को ‘द विराट कोहली’ बनाया, उन्हें विराट को सेलेक्ट करने की वजह से अगले दिन ही नौकरी से निकाल दिया गया।

कोहली शुरू से ही स्टार खिलाड़ी नहीं थे। तत्कालीन बीसीसीआई चयन समिति के अध्यक्ष दिलीप वेंगसरकर को साल 2008 में विराट कोहली को मौका देने के फैसले के कारण पद से हटा दिया गया था।

क्रिकेट की दुनिया में कर्नल के नाम से मशहूर वेंगसरकर ने इस बात का खुलासा पत्रकार राजदीप सरदेसाई की किताब ‘डेमॉक्रेसी इलेवन’ में किया है।

साल 2008 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने के बाद विराट कोहली लाइमलाइट में आ गए थे। इसके बाद उन्हें एस बद्रीनाथ की जगह राष्ट्रीय टीम में मौका दिया गया। वेंगसरकर के इस फैसले से श्रीनिवासन खुश नहीं थे।

उस वक्त वह बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष और तमिलनाडु क्रिकेट संघ के अध्यक्ष थे। किताब में वेंगसरकर के हवाले से कहा गया हैः

“जब श्रीनिवासन को पता चला कि मैंने विराट के लिए बद्रीनाथ को ड्रॉप कर दिया है तो वह गुस्सा होकर तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार के पास शिकायत करने चले गए। इसके अगले ही दिन मुझे सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन पद से हटा दिया गया, लेकिन वह विराट कोहली को चुनने का मेरा फैसला बदल नहीं सके।”

ऐसा कहा जा रहा है कि कोहली अपने करियर के शुरुआती दिनों के दौरान फॉर्म से बाहर थे और उनका आत्मविश्वास और स्टाइलिश छवि भी उनके टीम में चयन न करने के पीछे का कारण था।

लेकिन एक तब का वक़्त का और एक आज का। दोनों में ज़मीन आसमान का फर्क है। आज विराट क्रिकेट का वो सितारा है, जिससे क्रिकेट के हर रिकॉर्ड को खतरा है। 2017 में विराट कोहली सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। वह इकतौले बल्लेबाज हैं, जिन्होंने इस कैलेंडर वर्ष में 1000 से ज्यादा रन बनाए हों।

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