यह अफ्रीकी गांव झील पर बसा है, घर से लेकर हॉस्पिटल सबकुछ तैरता मिलेगा

Updated on 31 Jul, 2018 at 5:03 pm

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दुनिया में ऐसी कई अनदेखी जगहें है, जहां की प्राकृतिक खूबसूरती  से लोग आज भी अनजान है। अफ्रीका के बेनन में झील पर बसा एक ऐसा ही अनोखा गांव है गेनवी। 17वीं शताब्दी में  इस गांव को यहां के लोगों ने गुलामी की जिंदगी से बचने के लिए बसाया था। 20 हजार की आबादी वाले इस गांव को झील पर बसा अफ्रीका का सबसे बड़ा गांव भी कहा जाता है। दुनियाभर से हर साल सैलानी पानी पर बसे इस गांव और यहां के जीवन को देखने के लिए आते हैं। इस गांव से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों पर डालते है एक नजर।

 

अफ्रीका का वेनिस कहे जाने वाले इस गांव पर आपको घर से लेकर रेस्त्रां तक पानी में तैरते नजर आएंगे। कुछ दंतकथाओं के अनुसार 16वीं या 17वीं शताब्दी में अफ्रिका में बसने वाले तोफीनु समुदाय के लोगों ने खुद की सुरक्षा के लिए इस गांव को बसाया था।

 


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उस वक्त फोन नाम की एक जनजाति के लोग इन ग्रामीणों को अपना गुलाम बनाने के लिए आया करते थे, लेकिन अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण वो पानी में प्रवेश कर किसी को बंधक नहीं बना सकते थे । धीरे-धीरे यहां के लोगों ने इस गांव में ही अपना जनजीवन तलाश लिया और आज पूरा गांव साथ मिलकर रहता है।

 

 



इस गांव में घरों से लेकर रेस्त्रां तक सभी कुछ पानी पर ही तैरता है। इतना ही नहीं, यहां पोस्ट ऑफिस, बैंक, हॉस्पिटल, चर्च और मस्जिद भी पानी पर ही तैरते नजर आते हैं। हालांकि, झील पर बसे इस गांव के पास एक जमीन का टुकड़ा भी है, जिस पर बच्चों के लिए स्कूल बनवाया गया है। इस जमीन को भी गांव के लोगों ने मिलकर तैयार किया है। साल 1996 में इस गांव को यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल कर लिया था।

 

 

यहां आने वाले पर्यटकों को वेनिस की तरह गंडोला बोट तो नहीं मिलती, लेकिन गांव देखने के लिए किराए पर नांव जरूर मिल जाती है, जिससे गेनवी गांव को देखा जा सकता है। यहां पर रहने वाले लोगों का कल्चर अफ्रीका के अन्य समुदायों से काफी अलग है, जिसकी वजह से पर्यटक यहां की संस्कृति को भी देखने के लिए आते हैं। गांव के लोग अब यहां पर आसपास के इलाकों से मिट्टी लाकर डाल रहे हैं, ताकि इस गांव को वो एक आईलैंड में तब्दील कर सके।

 

 


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