अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री श्यामा नहीं रहीं, लोगों को पता भी नहीं चला!

Updated on 16 Nov, 2017 at 9:35 pm

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अपने 40 साल लंबे करियर में 175 फ़िल्मों में काम करने वाली मशहूर अभिनेत्री का निधन हो गया है।

पचास और साठ के दशक में हिंदी सिनेमा की बेहतरीन अभिनेत्रियों में शुमार श्यामा ने मंगलवार को मुंबई में अंतिम सांसें ली। वो 82 साल की थीं और उनका असली नाम ख़ुरशीद अख़्तर था। श्यामा ने ”सावन’, ‘शारदा’, ‘सूरज चंदा’, ‘बरसात की रात’, ‘मिर्ज़ा साहिबान’, ‘दो बहनें’ जैसी बेहतरीन फ़िल्मेों में अभिनय किया। उन्हें फिल्म ‘शारदा’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग अभिनेत्री का अवार्ड भी मिला था।

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अभिनेता जॉनी वॉकर के बेटे नासिर ख़ान ने अभिनेत्री श्यामा के निधन की पुष्टि करते हुए उनकी आत्मा की चिर शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि उनके पिताजी के नाम पर बनी ‘जॉनी वॉकर’ में वो मुख्य भूमिका में थीं। उन्होने जॉनी वॉकर के साथ छू मंतर, मुसाफ़िरखाना और खोटा पैसा जैसी फिल्मों में भी काम किया था।

श्यामा का जन्म लाहौर में हुआ था। उन्होंने बतौर बाल कलाकार करियर की शुरुआत की थी और लगभग 80 फ़िल्मों में सह-अभिनेत्री के रूप में काम किया। फिल्म आर-पार में उन्हें गुरु दत्त के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौक़ा मिला। निर्देशक विजय भट्ट ने उन्हें श्यामा नाम दिया था। उनकी शादी मशहूर सिनेमेटोग्राफर फली मिस्त्री से 1953 में हुई थी।

श्यामा ने कहा था कि क़रीब 10 सालों तक उन्होंने अपनी शादी की बात को छुपाए रखा। शादीशुदा अभिनेत्री को उस ज़माने में भी लोग आसानी से स्वीकार नहीं करते थे। वैसे भी 1960 के दशक की शुरुआत तक वह पूरी तरह से चरित्र अभिनेत्री बन चुकी थी। साल 1980 में आई पायल की झंकार उनकी आखिरी फिल्म थी।

संकलित।

श्यामा का निधन हो गया है, लेकिन एक बात सालती है कि अपने जमाने की इस मशहूर अभिनेत्री को मीडिया ने याद नहीं किया। इस खबर को तवज्जो नहीं दी। यह मशहूर अभिनेत्री अब हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन अपनी अदाकारी से सदा हमारे बीच रहेंगी।


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