वर्सोवा बीच पर चल रहा सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान बंद, कारण हैरान करने वाला

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Updated on 22 Nov, 2017 at 6:22 pm

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बॉम्बे हाईकोर्ट के वकील अफरोज शाह ने अक्टूबर 2015 में भारत के सबसे बड़े स्वच्छता अभियान की शुरुआत की थी। मुंबई के सबसे गंदे वर्सोवा समुद्र तट को साफ़ करने का जिम्मा उन्होंने उठाया था। इस अभियान में उनके साथ सैकड़ों स्वयंसेवक जुड़े।

लेकिन अब उन्होंने 109 हफ्ते चले इस अभियान को रोक दिया है। इसकी जानकारी खुद अफरोज ने ट्विटर के माध्यम से दी।

 

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुंबई के सबसे गंदे वर्सोवा समुद्र तट को साफ करने के पर्यावरणविद् अफरोज शाह के प्रयासों की प्रशंसा की हुई है।

 

पीएम मोदी ने अपने मासिक रेडियो संबोधन ‘मन की बात’ में कहा था- “मैं मुंबई के वर्सोवा समुद्र तट को साफ करने के प्रयासों के लिए अफरोज शाह और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं।”

गौरतलब है कि अफरोज ने अक्टूबर 2015 में वर्सोवा समुद्र तट को साफ करना शुरू किया था और बाद में इसने जनांदोलन का रूप ले लिया।

 

 

इस जनसैलाब ने नामुमकिन दिख रहे कार्य को कर दिखाया और कई टन कूड़ा समुद्र से अब तक साफ़ किया है।

 

 

यही नहीं अफरोज को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के तहत ‘चैंपियन ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार से भी नवाजा गया है। वह यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले भारतीय हैं।

 


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अफरोज ने जब वर्सोवा बीच की सफाई का जिम्मा उठाया था, उस वक्त वह शहर का सबसे गंदा बीच माना जाता था।

 

वर्सोवा रेजिडंट वॉलन्टिअर्स भी अफरोज के अभियान में सहभागी बन गए और इन सबने मिलकर अब तक की 109 हफ्तों की कड़ी मेहनत और लगन से इस बीच की सूरत ही बदलकर रख दी।

 

इस अभियान में अफरोज की टीम को BMC का भी सहयोग मिला।

 

लेकिन किसी समय बदसूरती में तब्दील हो चुके मायानगरी के इस वर्सोवा बीच को खूबसरत बनाने वाले अफरोज शाह अब बीच की सफाई नहीं करेंगे। स्थानीय गुंडों से परेशान होकर अफरोज और उनकी टीम ने वर्सोवा बीच की साफ-सफाई का काम बंद कर दिया है। अफरोज ने ट्विटर पर लिखाः

 

“अब वर्सोवा बीच की सफाई खत्म। कूड़ा उठाने को लेकर हमारे वालंटियर्स के साथ कुछ गुंडों ने दुर्व्यवहार किया और उन्हें गालियां दीं। प्रशासन की सुस्ती, बीच साफ होने के बाद कूड़े को न उठाना और साथ ही हमें गाली-गलौच का भी सामना करना पड़ रहा है। दुनिया के सबसे बड़े बीच की सफाई का काम अब सस्पेंड हो गया है। मैंने इस अभियान में अपना सर्वश्रेष्ट देने की भरपूर कोशिश की लेकिन मैं विफल रहा। मैंने तुम्हें (वर्सोवा बीच) और देश को निराश किया है। मुझे माफ कर देना।”

फिलहाल प्रशासन की ओर से अभी इस बारे में कोई बयान नहीं आया है। अफरोज के इस फैसले से वर्सोवा बीच के आसपास रहने वाले लोगों में भी काफी निराशा है।

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