पाक में हिन्दुओं के लिए आवाज उठाने वाले मानवाधिकार कार्यकर्ता वीरजी को आजीवन कारावास

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Updated on 3 Apr, 2017 at 1:36 pm

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पाकिस्तान में जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील वीरजी कोहली को हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। हालांकि, वीरजी कोहली तथा उनके समर्थकों का कहना है कि उन्हें इस मामले में झूठे तरीके से फंसाया गया है।

पाकिस्तान के हैदराबाद में नगरपारकर स्थित भान्सर गांव में मार्च 2011 में मोहम्मद सौलेह शोरो नामक एक व्यक्ति की हत्या हो गई थी। इस हत्या की प्राथमिकी 10 मार्च, 2011 को दर्ज की गई। इसमें वीरजी कोहली प्रमुख संदिग्ध माना गया, जबकि 12 अन्य लोग भी नमजद किए गए थे। इस फैसले के बाद वीरजी कोहली ने कहा है कि वह इस मामले में अब उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।

कौन हैं वीरजी कोहली ?

वीरजी कोहली पाकिस्तान में हिन्दुओं के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले चंद लोगों में एक हैं। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के कार्यकर्ता वीरजी कोहली बंधुआ मजदूरी के खिलाफ लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने हैदराबाद के सामंतवादी परिवारों के चंगुल से बड़ी संख्या में बच्चों, महिलाओं और लोगों को छुड़वाया है, जो बंधुआ के तौर पर अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। यहां अधिकतर बंधुआ मजदूर हिन्दू समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। ऐसी तमाम वजहों से वीरजी शक्तिशाली लोगों के निशाने पर रहे थे। हालांकि, उनके लिए मुसीबत की शुरुआत तब हुई, जब उन्होंने कस्तूरी कोहली नामक एक हिन्दू रेप पीड़िता लड़की के पक्ष में पाकिस्तानी पुलिस के रवैए पर सवाल उठाना शुरू किया।


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मोहम्मद सौलेह शोरो हत्याकांड में पुलिस ने वीरजी कोहली को अवैध तरीके से कई सप्ताह तक कस्टडी में रखा था। बाद में एक उच्च-स्तरीज जांच कमेटी ने वीरजी कोहली को निर्दोष करार दिया और इसी मामले में कई पुलिस अधिकारियों की नौकरी भी चली गई।

इस मामले में शामिल सामंतवादी परिवार के लोग दरअसल स्थानीय मुस्लिम बहुल समुदाय के सदस्य हैं। कोहली द्वारा बंधुआ मजदूरी के खिलाफ चलाए गए अभियान से नाराज खोसा परिवार के दबंगों ने कोहली का अपहरण कर लिया और करीब 4 दिनों तक बंदी बनाकर रखा। बाद में अधिकारियों, राजनेताओं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के दबाव में आकर उनकी रिहाई हो गई। हालांकि, मामला खत्म नहीं हुआ था।

नगरपारकर में हुई हत्या की घटना में वीरजी कोहली को नामजद कर दिया गया। हालांकि, उस वक्त वीरजी हैदराबाद में थे। दबंग खोसा परिवार ने कोहली से बदला लेने के लिए स्थानीय पुलिस पर दबाव बनाकर उन्हें पाकिस्तान पेनल कोड के धारा 302 के तहत फंसा दिया। कोहली एक बार फिर मुसीबत में आ गए। उन्हें पुलिस द्वारा आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

वीरजी कोहली की रिहाई के लिए पाकिस्तान में आवाजें उठ रही हैं।


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