अब भारत वियतनाम को बेचेगा वरुणास्त्र ‘टॉरपीडो’, मित्र देशों को उपलब्ध होगा ‘तेजस’

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Updated on 2 Jul, 2016 at 8:34 pm

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भारत अपनी नई पनडुब्बी ‘वरुणास्त्र’ टॉरपीडो को वियतनाम को बेचने का विचार कर रहा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस सुपरसॉनिक मिसाइल को लेकर हुई बातचीत के बाद इस सौदे के लिए अहम कदम उठाए जा सकते है।

दोनों देशों के मध्य इस सौदे को, भारत की वियतनाम के साथ सैन्य संबंधों को मजबूत करने का एक प्रयास करार दिया जा रहा है।

चीन के एशिया-पैसेफिक क्षेत्र में बढ़ते दबदबे से भारत और वियतनाम दोनों ही चिंतित है।

इसके तहत भारत रक्षा संबंधी सौदों के साथ वियतनाम के सैनिकों को किलो-क्लास पनडुब्बी सैन्य ट्रेनिंग देने संबंधी योजनाओं पर भी गौर किया जा रहा है। ख़ास तौर पर साउथ चाइना सी में चीन की सक्रियता बहुत ज्यादा है, जहां भारत वियतनाम के सहयोग से कुछ ब्लॉक में गैस और तेल की खुदाई भी कर रहा है।

इसके साथ ही रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने जानकारी देते हुए कहा कि 33 साल के लंबे इंतजार के बाद भारतीय वायु सेना में शामिल हुआ ‘तेजस’, भारत के मित्र देशों को निर्यात के लिए भी उपलब्ध होगा।

रक्षा मंत्री ने कहाः

‘‘आज की तारीख तक हल्के वजन वाले विमान की 3,000 से अधिक उड़ानें हुई हैं और इस दौरान एक भी दुर्घटना नहीं हुई. वर्ष 2025 तक वायु सेना में 120 तेजस विमानों को शामिल किया जाएगा।’’

बाद में उन्होंने कहा कि यह बल की महत्वपूर्ण कम वजन वाले लड़ाकू विमान की जरूरत पूरी करेगा और भारत के मित्र देशों को निर्यात के लिए भी उपलब्ध होगा।


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