लक्ष्मण के प्राण बचाने वाली संजीवनी बूटी की खोज करवाएगी उत्तराखंड सरकार

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Updated on 30 Jul, 2016 at 9:21 pm

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उत्तराखंड के आयुष विभाग ने आयुर्वेदिक विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया है, जो जल्द ही संजीवनी बूटी की खोज में जुट जाएगी। अनुमान है कि इस खोज पर सरकार 25 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है।

दरअसल, सरकार की योजना हिमालय में संजीवनी बूटी खोजने की है, जिस संजीवनी बूटी ने कभी दशरथपुत्र लक्ष्मण को नई जिंदगी प्रदान की थी। इसका उल्लेख रामायण में किया गया है।

उत्तराखंड के आयुष मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि समिति में कुल चार सदस्य शामिल किए गए हैं और अगले महीने से यह समिति संजीवनी बूटी की खोज के कार्य में जुट जाएगी। आयुष मंत्री ने एक बयान में कहा:

”हम अपने खर्चे पर इसकी खोज करा रहे हैं। दुनियाभर में जड़ी-बूटियों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। जानकारों का मानना है कि इसमें जीवन रक्षक गुण पाए जाते हैं।”

आपको बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने केंद्र सरकार से संजीवनी बूटी की खोज के लिए सहायता मांगी थी, लेकिन केंद्र के इन्कार के बाद उत्तराखंड सरकार ने खुद इस दिशा में कदम उठाने का फैसला लिया।

मंत्री ने बताया हिमालय की पहाड़ियों में संजीवनी को खोजना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हिमालय की द्रोणागिरी पहाड़ियों में चमत्कारी संजीवनी बूटी को खोजने का काम शुरू किया जाएगा। एक पहाड़ का उल्लेख रामायण में उस पहाड़ के रूप में है, जहां यह चमत्कारिक औषधि पाई जाती थी।

रामायण के अनुसार संजीवनी बूटी को न पहचान पाने पर हनुमान पूरा का पूरा पर्वत ही उठा लाए थे। तो इस लिहाज से भी यह काम इतना आसान नहीं होगा।


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