US ने एशिया पैसिफिक के बदले ‘इंडो पैसिफिक’ का इस्तेमाल किया, भारत के बढ़ते कद का सबूत

Updated on 6 Nov, 2017 at 11:18 am

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अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन के सत्ता में आने के बाद बहुत चीजें बदली हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत को अधिक अहमियत दे रहे हैं। इसी क्रम में अब ट्रम्प प्रशासन ने एशिया पैसिफिक के बदले इंडो पैसिफिक शब्दावली का इस्तेमाल करना शुरू किया है।

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अमेरिका बड़े पैमाने पर इंडो पैसिफिक शब्दावली का इस्तेमाल कर रहा है।

दरअसल, दुनिया जब एशिया पैसिफिक शब्दावली का जिक्र करती है तब सबसे पहले चीन की तरफ नजर दौड़ती है। यही वजह है कि अमेरिका ने एशिया पैसिफिक शब्द का इस्तेमाल करना बंद किया है और इसके बदले इंडो पैसिफिक शब्दावली को तरजीह दी है। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसके बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है। वहीं, अमेरिकी मीडिया का दावा है कि इंडो पैसिफिक शब्द का इस्तेमाल भारत की अहमियत को बयान करता है। यह इस बात का भी सबूत है कि अमेरिका के साथ भारत के सबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। अमेरिकी मीडिया में इस बात की चर्चा है कि इंडो पैसिफिक शब्दावली का इस्तेमाल इस बात का सबूत है कि अमेरका की एशिया नीति में तब्दीली आ रही है। इसे चीन को सिग्नल भी कहा जा रहा है।

समाचार एजेन्सी एपी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रम्प की पांच एशियाई देशों की 13 दिवसीय यात्रा के लिए प्रशासन खास तौर पर इंडो पैसिफिक शब्दावली का इस्तेमाल कर रहा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एच आर मास्टर ने राष्ट्रपति की यात्रा शुरू होने से पहले प्रेस ब्रिफिंग में कई बार इस शब्द का इस्तेमाल किया।


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अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार एच आर मास्टर।

पिछले लंबे समय से चीन एशिया में बिग ब्रदर की हैसियत से आगे बढ़ रहा है। चीन यूं तो आर्थिक रूप से समृद्ध है और इस लिहाज से वह एशिया का नेतृत्व करता भी दिख रहा है। हालांकि, दक्षिण चीन सागर में उसकी आक्रामक रणनीति ने इस क्षेत्र में एक अभूतपूर्व संकट खड़ा कर दिया है। यही वजह है कि दक्षिण चीन सागर के तटीय देश अलग-अलग अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर चीन का विरोध कर रहे हैं।

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दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामक रणनीति से संकट खड़ा हो गया है।



पिछले दिनों अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन की भारत यात्रा के दौरान अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूती मिली थी। टिलरसन ने भी भारत यात्रा के दौरान इंडो पैसिफिक शब्दावली का इस्तेमाल किया था। मीडिया से बातचीत के क्रम में टिलरसन ने कहा था कि इंडो पैसिफिक क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया और जापान दो शक्तिशाली देश हैं और इन दोनों देशों से संबंध मजबूत करने की बात कही गई थी।

इस नए शब्दावली से अमेरिका चीन को संकेत देना चाहता है कि इस क्षेत्र में चीन के अलावा अन्य देश भी हैं, जिनकी अहमियत है।

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अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाकात।

इंडो पैसिफिक शब्द का इस्तेमाल कब हुआ था, इसके बारे में राय अलग-अलग हो सकती है। वर्ष 2007 में जब जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे भारतीय संसद में आए थे, तब संभवतः पहली बार उन्होंने इस शब्दावली का इस्तेमाल किया था। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने अमेरिका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ 26 जून 2017 को ज्वाइन्ट स्टेटमेन्ट में इंडो पैसिफिक शब्द का इस्तेमाल किया था।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प।

भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के बीच चल रही रणनीतिक बातचीत के बारे में अमेरिका का कहना है कि यह चीन को रोकने के लिए नहीं है। बल्कि, अमेरिका हमेशा से ही अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ बहुत नजदीकी संवाद बनाकर चलता है।


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