यूपी पुलिस के इस कांस्टेबल ने एक गाय के बछड़े को बचाने के लिए जो किया वो वाकई काबिलेतारीफ है

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Updated on 30 Dec, 2017 at 6:41 pm

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हमारे देश में जानवरों के जान की कोई कीमत नहीं है। खासकर, सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं की, जिन्हें कब कौन कहां ठोकर मार जाए, इससे किसी को कोई मतलब नहीं। इनकी जान बेहद सस्ती है। जानवर मरते हैं तो मरने दो, हमारा क्या जा रहा है। हमारे देश में लोगों कि यह मानसिकता है और यक़ीनन आप भी हमारी इस बात से इत्तेफाक रखेंगे।

लेकिन एक तरफ जहां बेदिल लोग हैं, तो वहीं कई फ़रिश्ते भी हैं, जो इन बेजुबान जानवरों की जान बचाने के लिए अपनी जान तक जोखिम में ड़ाल देते हैं। ऐसे ही एक शख्स के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं, जिन्होंने गाय के एक बछड़े की जान बचाई।

आप तो जानते ही हैं कि अक्सर यूपी पुलिस कि नकारात्मक छवि चर्चा का विषय बनी रहती हैं, लेकिन इस बार यूपी पुलिस के एक सिपाही ने जो कारनामा किया है, उससे भरोसा होता है कि जानवरों के प्रति इंसानियत अभी भी लोगों में जिन्दा है।

 

घटना उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के साहबगंज इलाके की है। पुलिस को सुचना मिली कि लहरेपुर गांव के कुएं में एक बछड़ा रात से ही गिरा हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची। रस्सी का बंदोबस्त किया गया, लेकिन कुआं बहुत गहरा था लिहाजा किसी के अंदर जाने की हिम्मत नहीं हुई। तभी किसी के कुएं में न उतरने पर कॉन्स्टेबल राम निवास खुद ही कुएं में नीचे उतर गए और बछड़े को बाहर निकाल लाए।

 

जब इसके बारे में कॉन्स्टेबल राम निवास से पूछा गया तो उन्होंने कहाः

 


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“जब हमें सुबह 6.30 पर कॉल आई कि एक कुएं में रात से एक बछड़ा तड़प रहा है, उस समय हम अपनी पीआरवी में थे। हम मौके पर पहुंचे तो कोई भी ग्रामीण कुएं में उतरने को तैयार नहीं था। तब मैंने खुद ही बछड़े को बाहर निकालने का फैसला लिया। मैंने नीचे गया और बछड़े को बाहर निकाल लाया।”

 

गाय को हिन्दू धर्म में माता का दर्जा प्राप्त है। उनकी पूजा अर्चना की जाती है, लेकिन आजकल उसी गाय की दुर्गति भी देखने को मिल रही है। गाय सड़कों पर प्लास्टिक खाने के लिए मजबूर है। ऐसे में किसी जानवर की जान बचानें के लिए कोई अपनी जान दाव पर लगा दे, ये वाकई काबिले तारीफ है।

 

 

हमारे लिए ये जरूरी है कि हम जानवरों की जान को सस्ता न समझें। वे भी प्रकृति की एक बहुमूल्य कृति हैं।

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