उत्तर प्रदेश टॉपर के साथ हो गया धोखा, सकते में है परिवार

Updated on 11 Jun, 2018 at 10:25 am

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उत्तर प्रदेश टॉपर के साथ धोखा हो गया है। रिजल्ट का ज़माना है और बच्चे जो अच्छे नंबर ला रहे हैं उसे प्रोत्साहित करना समाज और सरकार का कर्तव्य बनता है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी के मद्देनजर 29 मई को लखनऊ में समारोह सहित प्रतिभाशाली बच्चों में चेक का वितरण किया। सभी बच्चे खुशी-खुशी घर गए, लेकिन असली रिजल्ट तो बैंक से आना था।

 

उत्तर प्रदेश बोर्ड में 7वां रैंक हासिल करने वाले आलोक मिश्रा को मिला चेक बाउंस कर गया!

 

 

93.5% अंक हासिल करने वाले आलोक को इसके बारे में पता नहीं था। बाराबांकी के यंग स्ट्रीम इंटर कॉलेज के इस छात्र को झटका लगा जब वह चेक को कैश करवाने पहुंचा। आलोक को स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया डिपार्टमेंटल अकाउंट का चेक दिया गया था। उस चेक पर बाराबांकी के जिला इन्स्पेक्टर का हस्ताक्षर था।

 

बैंक ने आलोक के माता-पिता को कन्फर्म किया है कि चेक नंबर 974926 बाउंस हो गया है। हालांकि, चेक बाउंस होने का मूल कारण हस्ताक्षर मैच न होने को बताया जा रहा है। वैसे अन्य किसी छात्र का चेक बाउंस नहीं हुआ है। चूंकि मामला सीधे मुख्यमंत्री से जुड़ा है, तो इसे बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।


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अगर मामला महज हस्ताक्षर का है तो भी अधिकारियों को अवश्य ही एहतियात बरतनी चाहिए। वैसे इसे रफा-दफा करने के लिए शिक्षा विभाग ने सफाई देने के लिए पत्रकारों को बुलाया और सबके सामने ही आलोक को एक लाख रुपए का नया चेक दे दिया।

 

 

उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षा में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में प्रदेश व जिला स्तर के टॉपर छात्रों को सीएम योगी ने लखनऊ में चेक प्रदान किए थे। समारोह में प्रदेश स्तर पर अव्वल आए जिले के 14 मेधावियों को एक-एक लाख रुपए और जिला स्तर के दस मेधावियों को 21-21 हजार रुपए का चेक प्रदान किया गया था।

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