अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ भारत में पहली बार बड़ी कार्रवाई

Updated on 13 Oct, 2017 at 3:34 pm

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रोहिंग्या शरणार्थी मामला गरमाया ही है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को खदेड़ने का आदेश दे दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं।

पहली बार बड़ी कार्रवाई

असम और पश्चिम बंगाल की तरह ही उत्तर प्रदेश में भी अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या अच्छी खासी है। इनको लेकर राजनीति भी होती रही है। लेकिन ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कोई सरकार इतना कड़ा रुख अपना रही है।उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री का ये फैसला जरूर कुछ उबाल लेकर आएगी, लेकिनघुसपैठियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है।

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के बिगड़ने की एक बड़ी वजह के रूप में इन घुसपैठियों को चिह्नित किया गया है। लिहाजा योगी सरकार ने इन्हें बाहर का रास्ता दिखाने का आदेश जारी किया है।


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एडीजी (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार कहते हैंः

‘अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के साथ सभी अवैध विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच होगी और दोषी पाए जाने पर प्रदेश निकाला होगा।’



इससे पहले केंद्र सरकार ने अवैध घुसपैठियों को लेकर चिंता प्रकट की थी।

लोकसभा में गृह मंत्रालय ने लिखित जवाब में कहा था कि भारत में बांग्लादेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ चिंतनीय है। लोकसभा में किरण रिजिजू ने कहा कि चूंकि अवैध अप्रवासी चोरी-चोरी बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत प्रवेश करते हैं, लिहाजा उनकी संख्या के बारे में सही आंकड़ा जुटाना संभव नहीं हो सका है।

पिछले तीन वर्षों में 15 हजार से अधिक अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार किए गए।

वहीं बीते तीन साल में 1750 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों को दस्तावेजों के अभाव में खदेड़ा गया है। इसी अवधि के बीच सौ से अधिक पाकिस्तानी घुसपैठिए पकड़े गए, जिनमें से लगभग 50 घुसपैठियों को पाकिस्तानी रेंजर्स को सौंप दिए गए।

अब देखना ये है कि योगी सरकार के आदेश के अनुरूप पुलिस काम कर पाती है या फिर ये फैसला राजनीति की भेंट चढ़ता है।


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