बॉलीवुड की इन 8 फिल्मों ने प्यार और एहसासों की नई परिभाषा गढ़ी है

Updated on 1 Sep, 2018 at 12:58 pm

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भारतीय फिल्मों में एक खास प्रकार की प्रेम कहानियों को दिखाया जाता रहा है। प्यार की ऐसी कहानियां आपको बोर, बहुत बोर करने के लिए काफी हैं। हालांकि, अब फिल्म निर्माता अलग तरह की कहानियों में भी रुचि लेने लगे हैं। अब नई तरह की कहानियों पर फिल्म बनाई जाने लगी है। ये फिल्में भारतीय सिनेमा को अगले स्तर पर ले जाती हैं!

 

ये वो फिल्में हैं, जिन्होंने प्यार को नई परिभाषा देकर परदे पर उतारा है!

 

1. द लंच बॉक्स

 


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ये एक ऐसी फिल्म रही जिसे आलोचकों ने भी सराहा और इसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। 2013 में रिलीज हुई इस फ़िल्म ने अंतराष्ट्रीय स्तर भी खूब वाहवाही लूटी। इसे कान्स फ़िल्म फ़ेस्टिवल में भी अवार्ड से सम्मानित किया गया। फिल्म में नौकरी से रिटायर होने वाले शादीशुदा शख्स के पनपते प्रेम को दिखाया गया है। रितेश बत्रा ने जीवन के इस पक्ष पर जबर्दस्त लिखा है।

 

2. चीनी कम

 

 

अभिताभ बच्चन और तब्बू अभिनीत इस फिल्म में 64 साल के हीरो को 34 साल की हीरोईन से प्यार को दिखाया गया है, जहां मिठास थोड़ी कम है। आर बाल्की और मनोज तपाड़िया ने इस कहानी को मिल कर लिखा है। इस फिल्म ने भी लीक से हटकर विषय को उठाया।

 

3. हाईवे

 

 

हाईवे की कहानी एक रसूखदार बाप की बेटी वीरा की है, जिसका अपहरण होता है। अपहरणकर्ता महाबीर को वीरा के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। परिस्थितिवश वह उसे लेकर शहर दर शहर भागता रहता है। लेखक-निर्देशक इम्तियाज अली ने फिल्म के माध्यम से एक महत्वपूर्ण कहानी कही है।

 

4. दम लगा के हईशा

 

 

अमूमन हिंदी फिल्मों में प्यार के लिए हीरो को संघर्ष करना पड़ता है। जमाने से लड़ने के बाद उनकी फाइनली शादी हो पाती है। हालांकि, यह कहानी थोड़ी अलग है। इस फिल्म में शादी तो हो जाती है, प्यार नहीं होता है। शरत कटारिया ने इस फ़िल्म को 90’s के बैकग्राउंड पर लिखा है।



 

5. सदमा

 

 

ये एक तमिल फिल्म की रीमेक है, जिसके लेखक-निर्देशक बालू महेंद्र हैं। नेहलता की दुर्घटना में याददाश्त चली जाती है और उसे सोमु से प्यार होता है। बाद में जब उसकी याददाश्त आती है तो वह सब कुछ भूल जाती है, जो दुर्घटना के बाद होता है। शेष जानने के लिए फिल्म देख लेना ही बेहतर होगा!

 

6. बर्फ़ी!

 

 

अनुराग बासु की ये फिल्म एक अलग छाप छोड़ने में कामयाब रही थी। मर्फ़ी जॉन्सन उर्फ़ बर्फ़ी जो कि जन्म से गूंगा और बहरा है, उसके घर के नजदीक कुछ दिनों के लिए श्रुति रहने आती है। उनके प्यार और बिछुड़ने की कहानी बेहतरीन बन पड़ी है।

 

7. द जापानीज वाइफ

 

 

स्नेहमोय चैटर्जी और मियाज चिट्ठियों के माध्यम से ही शादी कर लेते हैं। मियाज जापानी होती हैं और उनके बीच चिट्ठियों से ही संपर्क होता है। स्नेहमोय की मृत्यु के बाद मियाज एक हिंदू विधवा की तरह रहने लगती है। कुणाल बासु की कहानी को अपर्णा सेन ने परदे पर उतारा है।

 

8. रेनकोट

 

Raincoat (रेनकोट)

 

इस कड़ी में रेनकोट सबसे अधिक सराहनीय और उल्लेखनीय फिल्म है। फिल्म में बारिश के चलते इत्तेफ़ाकन मनु की छ: साल पुरानी प्रेमिका नीरु से मुलाक़ात होती है। वे दोनों अपने जीवन में आगे बढ़ चुके होते हैं और खराब माली हालत से जूझ रहे होते हैं। वे दोनों एक-दूसरे से अपनी स्थिति छुपाते हैं लेकिन दोनों को सब पता चल जाता है। हालांकि, बाद में वे दोनों एक-दूसरे की मदद करते हैं। रितुपर्णो घोष ने इस फिल्म का निर्देशन किया है।

 


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ऐसी और भी फिल्में हैं जो आपको अच्छी लगी हों और हटकर कहानी बयां करती हो तो अवश्य ही कमेन्ट कर बताएं!

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