JNU देश विरोधी नारेबाजी के आरोपी उमर, अनिर्बान का समर्पण; कन्हैया को नहीं मिली जमानत

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Updated on 24 Feb, 2016 at 2:05 pm

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दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में देश विरोधी नारेबाजी के आरोपी छात्रों में शामिल उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य ने मंगलवार देर रात पुलिस के समक्ष सरेन्डर कर दिया।

वहीं छात्र नेता  कन्हैया कुमार को दिल्ली हाईकोर्ट से आज भी जमानत नहीं मिली। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए और उन्हें एक खरोंच भी न आने पाए।

मंगलवार देर रात जब उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य जब सरेन्डर कर रहे थे, तब बाकी छात्रों ने लाल सलाम के नारे लगाए। तीन अन्य छात्र रामा नागा, अनंत और आशुतोष ने सरेन्डर करने से इन्कार कर दिया है।

इस बीच, पुलिस ने हाई कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट जमा कर दी है।

गौरतलब है कि गत 9 फरवरी को JNU में कल्चरल इवनिंग के नाम पर हुए कार्यक्रम में देश विरोधी नारे लगाए गए थे। देश के टुकड़े-टुकड़े करने की बात कही गई थी।


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रिपोर्ट के मुताबिक, JNU साउथ कैम्पस के बाहर सुरक्षा के व्यापक इन्तजाम किए गए थे। पुलिस पहले तो उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को वसंतकुंज थाने लेकर जाने वाली थी, लेकिन बाद में उन्हें आर.के. पुरम थाने ले जाया गया था। बताया गया है कि इन दोनों से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई। इन दोनों को आज दोपहर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

तिहाड़ जेल में बंद कन्हैया कुमार अपनी जमानत अर्जी में कन्हैया ने दावा किया है कि उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है और उसने कोई देश विरोधी नारे नहीं लगाए। इस अर्जी में यह भी कहा गया है कि उसके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता, क्योंकि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है।

इससे पहले, मंगलवार की देर शाम कन्हैया को पीटने वाले आरोपी वकीलों में से एक यशपाल त्यागी को गिरफ्तार कर लिया गया, हालांकि कुछ ही देर बाद उसे जमानत मिल गई।

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