यह सद्दाम हुसैन नहीं, लेनिन की मूर्ति है जिसे चुन-चुन कर हटाया जा रहा है

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Updated on 23 Aug, 2017 at 1:57 pm

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क्या आपको यह तस्वीर याद है? इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी हमले के बाद सद्दाम हुसैन की मुर्ति हटाये जाने की इस तस्वीर ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा था।

अब इसी तरह की कई तस्वीरें सामने आयी हैं, लेकिन ये इराक की नहीं, बल्कि यूक्रेन की हैं।

 

 


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आश्चर्यजनक रूप से ये तस्वीरें सद्दाम हुसैन की नहीं, बल्कि कम्युनिस्ट पार्टी के पुरोधा माने जाने वाले लेनिन की मुर्तियां हैं। दरअसल, लेनिन की मुर्तियां यूक्रेन से हटायी जा रही हैं। अब तक लेनिन की 1320 मुर्तियों को हटा दिया गया है, जो यहां के अलग-अलग कस्बे में स्थापित थीं. माना जा रहा है कि यूक्रेन खुद को सोवियत संघ के दौर के प्रतीकों से अलग करने की कवायद में जुटा है। सिर्फ यही नहीं, यूक्रेन में गलियों और शहरों के नामों को भी बदला जा रहा है, जिनका नाता कभी सोवियत इतिहास से रहा था। गौरतलब है कि सोवियत संघ के जमाने में यूक्रेन उसका हिस्सा था।

यह यूक्रेन की राजधानी कीव है, जहां लेनिन के पोस्टर्स को हटाया जा रहा है।

राजधानी कीव के एक अन्य चौराहे पर लेनिन की मुर्ति हटायी जा रही है।

द टाइम्स की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2015 में यूक्रेन के राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेन्कों ने इस संबंध में एक कानून तैयार किया था। रिपोर्ट में यहां के इंस्टिट्यूट ऑफ नैशनल रिमेम्बरैंस के डायरेक्टर वोलोदिमिर वियाट्रोविच के हवाले से बताया गया है कि देश में लेनिन की सभी मुर्तियों को हटा दिया गया है। साथ ही सोवियत संघ के दौर के अन्य 1,069 स्मारकों को भी हटा दिया गया है।

यूक्रेन सरकार के लिए भले ही लेनिन का कोई अस्तित्व नहीं है, लेकिन क्रेमलिन समर्थित सेनाओं के नियंत्रण वाले पूर्वी हिस्से में अब भी कम्युनिस्ट दौर के प्रति आकर्षण है।

वर्ष 2014 में रूस ने यूक्रेन के क्रीमिया इलाके पर हमला कर नियंत्रण में लिया था। इसमें अब तक 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

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