UC ब्राउजर पर यूजर डेटा लीक करने का आरोप, भारत में लग सकता है प्रतिबंध!

Updated on 23 Aug, 2017 at 1:07 pm

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चीन की इंटरनेट मीडिया कंपनी UC ब्राउजर के खिलाफ मिली शिकायतों के बाद भारत सरकार शिकंजा कसने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्राउजर पर यूजर्स के मोबाइल डेटा लीक करने का आरोप है। कहा जा रहा है कि UC ब्राउजर भारतीय यूजर्स से जुड़ी जानकारी लीक कर रहा है। अगर यह दोषी पाया जाता है तो भारत में इस पर प्रतिबंध भी लग सकता है।


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इस रिपोर्ट में सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि, UC ब्राउजर पर कथित रूप से भारतीय यूजर्स की जानकारी लीक करने का आरोप है। सरकार इसकी जांच कर रही है। यदि ऐसा होता है तो यह भारतीय उपभोक्ताओं के साथ धोखा है।

गौरतलब है कि यूसी ब्राउजर चीनी कंपनी अलीबाबा के मोबाइल बिजनस ग्रुप का हिस्सा है। आरोपों के मुताबिक, यह भारतीय यूजर्स का मोबाइल डेटा चीन स्थित सर्वर को भेजता है। साथ ही अगर यूजर इस ब्राउजर को अनइंस्टाल भी करता है या ब्राउजिंग डेटा डिलीट भी कर देता है तो भी डिवाइस के डीएनएस पर इसका कंट्रोल बना रहता है।

UC ब्राउजर की पैरंट कम्पनी यूसी वेब ने इस बावत कोई भी सूचना या नोटिस मिलने से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि यूजर की जानकारी गोपनीय रहती है और कंपनी इसको लेकर गंभीर है। कंपनी स्थानीय नियमों का पालन करने और यूजर की प्राइवेसी को प्राथमिकता देती है। उपभोक्ता का भरोसा टूटे, ऐसा कोई काम यूसी ब्राउजर के द्वारा नहीं किया जाता है।

यूसी ब्राउजर मोबाइल उपभोक्ताओं के बीच खासा लोकप्रिय है। यूसी ब्राउजर की मूल कंपनी अलीबाबा समूह भारत में पेटीएम व इसकी पैरंट कंपनी वन97 तथा स्नैपडील में बड़ा निवेश कर चुकी है। भारत में अच्छी खासी संख्या में लोग इसके उत्पाद का प्रयोग करते हैं।

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