इन दो महिला पुलिसकर्मियों ने 3 नाबालिग लड़कियों को तस्करों के चंगुल से बचाया

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Updated on 31 Aug, 2016 at 6:13 pm

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पश्चिम बंगाल की दो महिला पुलिसकर्मियों ने बेची गई तीन नाबालिग लड़कियों को 600 लोगों की भीड़ का सामना करते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर बचाया। इस पूरे बचाव अभियान को एक मिशन के तहत अंजाम दिया गया। अपने इस मिशन के तहत, इन महिला पुलिसकर्मियों ने नाबालिग लड़कियों की तस्करी कर रहे 9 लोगों को गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक, इन तीनों लड़कियों का अपहरण करके हरियाणा में बेच दिया गया था। लड़कियों को बेचकर उनकी जबरदस्ती शादी करा दी गई थी। लेकिन हावड़ा के संकराइल पुलिस स्टेशन में तैनात दो महिला पुलिसकर्मियों सब इंस्पेक्टर पियाली घोष और कॉन्स्टेबल मधुमिता दास हावड़ा के बदौलत इन लड़कियों को बचाया जा सका।

घोष और दास चार दिन पहले हरियाणा के लिए रवाना हुईं थीं। उनके साथ दो पुरुष कॉन्स्टेबल भी थे। उन्होंने संदिग्ध महिला मेहफिजा को हावड़ा में गिरफ्तार लिया। मेहफिजा ने पुलिस को बताया कि उसने 15 साल की लड़की को हरियाणा में बेच दिया था। उसने लड़की को हरियाणा के पलवल में 10 लोगों से शादी कराने के लिए बेचा था।

रेड और जांच करते हुए, पुलिसकर्मियों को नाबालिग को बचाने के लिए उन्हें हरियाणा के एक गांव में 600 लोगों की भीड़ का सामना करना पड़ा।


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पुलिस की इस टीम को गांव के लोगों ने घेर लिया और आरोप लगाया कि वे उनकी पत्नी का अपहरण करना चाहते हैं। लोगों की भीड़ को देखते हुए अन्य पुलिस सहयोगियों ने हवा में फायरिंग की। हरियाणा पुलिस के सहयोग से वह अपनी जान बचाने के साथ नाबालिग लड़की को भी छुड़ाने में भी कामयाब रहीं।

सब इंस्पेक्टर पियाली घोष ने बतायाः

“इस सफलता से मैं बेहद खुश हूं। इस मिशन में शक्ति वाहिनी एनजीओ ने मेरी मदद की और हरियाणा पुलिस ने भी मेरा सहयोग किया। हमने हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लड़कियों को बचा लिया। अब हमें अपने राज्य में ही सुनिश्चित करना है कि इस तरह लड़कियों का अपहरण न हो सके।”

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