तुर्की में तख्तापलट की कोशिश, अब तक 60 लोगों की मौत

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Updated on 16 Jul, 2016 at 9:56 am

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तुर्की में सेना के एक गुट ने तख्तापलट का दावा किया है। लेकिन अब तक यह साफ नहीं है कि तख्तापलट की यह कोशिश सफल हुई है या नहीं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, बागी सैनिकों ने सरकारी टेलीविजन पर कब्जा करके तख्तापलट का ऐलान किया है, वहीं, अब तक करीब 60 लोग मारे गए हैं।

वहीं, तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोग़ान ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तख्तापलट की इस कोशिश को देशद्रोह करार दिया है। उन्होंने जनता से सड़कों पर उतरकर सेना के तख्तापलट का विरोध करने की अपील की है।

वह राजधानी अंकारा से सुरक्षित इस्तांबुल पहुंच गए हैं।


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दूसरी तरफ प्रधानमंत्री बिनाली येल्दरम ने कहा है कि तख्तापलट करने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। पूरे देश में कर्फ्यू का ऐलान कर दिया गया है और सभी एयरपोर्ट पर उड़ानें रोक दी गई हैं।

तख्तापलट की इस कोशिश में अब तक कम से कम 60 लोग मारे गए हैं। जबकि 120 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस्तांबुल में सेना ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां बरसाई हैं, जिसमें अधिकतर लोग घायल हुए हैं। पहले मृतकों का आंकड़ा एपी ने 42 बताया था।

अंकारा सहित देश के लगभग सभी महत्वपूर्ण शहरों में सेना की मौजूदगी है। सड़कों पर टैंक और बख्तरबंद वाहन उतर आए हैं। वहीं, आसमान में लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर्स उड़ान भर रहे हैं।

तुर्की पुलिस बागी सेना से टक्कर ले रही है। एक सैन्य हेलिकॉप्टर को मार गिराने की खबर है।

तुर्की संसद पर विस्फोट के दौरान 12 पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है।

इस बीच, तुर्की के प्रधानमंत्री बिनाली येल्दरम का कहना है कि इस घटना में अमेरिका के मुस्लिम मौलवी फतेउल्लाह गुलेन के अनुयायियों का हाथ है।

हालांकि, गुलेन से जुड़े संगठन ने इसमें हाथ होने की बात से इनकार किया है।

हेल्पलाइनः

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि अंकारा में भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को स्थिति सामान्य होने तक घरों के अंदर रहने और बाहर न जाने की सलाह दी है। उन्होंने भारतीय नागरिकों के लिए अंकारा में इमरजेंसी नंबर +905303142203 जबकि इस्तांबुल में इमरजेंसी नंबर +905305671095 जारी किए हैं।

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