शांति बनाए रखिए, टुंडे कबाब की दुकान अब भी खुली है और आप कबाब का जायका ले सकते हैं

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Updated on 23 Mar, 2017 at 8:09 pm

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नवाबों की संस्कृति तथा अवधी के अलावा लखनऊ दो चीजों की वजह से प्रसिद्ध है। पहला तो चिकन टिक्का, दूसरा कबाब। नवाबों की इस नगरी में आने वाले लोग इन दो ब्यंजनों का लुत्फ उठाना नहीं भूलते। यहां का टुंडे कबाबी अपने लजीज कबाब के लिए मशहूर है।

गुरुवार को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि 110 साल में पहली बार टुंडे कबाबी की दुकान कच्चा माल यानी भैंसे के मीट की कमी से बुधवार को बंद रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को अकबरी गेट पर स्थित टुंडे कबाबी की दुकान पर ताला लटका रहा। हालांकि, गुरुवार को इसे फिर से खोल दिया गया। यहां आज मटन कबाब मिल रहा था।

टुंडे कबाब की अमीनाबाद स्थित शाखा लगातार खुली हुई है यहां बिजनेस चल रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात जोर दिया जा रहा है कि भैंसों के मीट में कमी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अवैध बूचड़खाने को बंद किए जाने के सख्त आदेश के बाद हुई है। अवैध बूचड़खानों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और लखनऊ में मीट की किल्लत देखी जा रही है। इससे साफ जाहिर है कि लखनऊ में भी अवैध बूचड़खाने चल रहे थे।

टुंडे कबाबी के अबु बकर कहते हैं कि अवैध बूचड़खाने को बंद किए जाने का धंधे पर असर पड़ा है। हम अभी चिकेन बेच रहे हैं।

अबु बकर ने अवैध बूचड़खानों पर राज्य सरकार की कार्रवाई की प्रशंसा की है, साथ ही कहा है कि लाइसेन्स वाले बूचड़खाने चलते रहने चाहिए।

माना जा रहा है कि मीट सप्लाई में कमी की वजह से बीफ कबाब की कीमतों में वृद्धि होगी। इसे खाने की इच्छा रखने वालों को अधिक पैसे खर्च करने होंगे।

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