इन 7 अंधविश्वासों के पीछे बड़ा राज छिपा है, सच्चाई वो नहीं है जो आप जानते हैं

Updated on 11 May, 2018 at 4:22 pm

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हमारे देश में आज भी बहुत से अंधविश्वासों को सच मानते हैं, बगैर ये जाने कि इसके पीछे की वजह क्या है। चूंकि पीढ़ियों से लोग इसे मानते आ रहे हैं, इसलिए ये परंपरा आज भी चल रही है। हालांकि, आज हम आपको कुछ अंधविश्वासों के पीछे का सच बताने जा रहे हैं जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

1. दुकान और घर के बाहर नींबू-हरी मिर्च लटकाना

अक्सर लोग घर और दुकान के बाहर नींबू-मिर्ची लटकाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि उससे बुरी नज़र नहीं लगती और नकारात्मक शक्तियां बाहर ही रहती हैं। दरअसल, नींबू और मिर्ची को जिस कपास के धागे में बांधा जाता है वो जब ताजा होता है, तब एसिड को सोखता है और ये एक कीटनाशक की तरह काम करता है। दुकान के बाहर ये टांगने पर कीट और फतिंगे दूर रहते हैं।

 

2. मंगलवार को बाल नहीं कटवाना

आपने भी घर में अपनी मां-दादी को कहते सुना होगा कि मंगलवार को बाल मत कटवाना, लेकिन क्या कभी उनसे पूछा कि ऐसा क्यों? पूछने पर भी शायद आपको जवाब नहीं मिला होगा। दरअसल, पुराने जमाने में जब ज़्यादातर लोग खेती करते थे उस समय पूरे हफ्ते खेत में मेहनत-मजदूरी करने के बाद वो सोमवार को आराम करते थे और उस दिन घर की सफाई के साथ भी बाल भी कटवाते थे। ऐसे में मंगलवार को नाई की दुकान पर कोई नहीं जाता था, इसलिए नाई मंगलवार को अपनी दुकान बंद रखने लगे और अब यह अंधविश्वास में बदल चुका है।

 

3. काली बिल्ली का रास्ता काटना

काली बिल्ली के रास्ता काटने पर शायद आप भी कुछ देर के लिए रुक जाते होंगे, क्योंकि आप इसे अपशगुन मानते हैं। आपकी तरह ही अधिकांश लोग ऐसा ही करते हैं, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। पुराने जमाने में जब लोग रात को बैलगाड़ी या घोड़ागाड़ी से कहीं जाते थे तो अचानक से तेंदुए, लोमड़ी और बड़े जानवर उनके सामने आ जाते थे और उनकी चमकदार आंखों को देखकर गाय, घोड़े और बैल डर जाते थे। इसलिए किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए अपने लंबे सफर के दौरान वो कुछ देर के लिए रुक जाते थे। मगर वक्त के साथ ये धारणा बदल गई और लोगों ने इसे बिल्लियों से जोड़ दिया।

 

4. शीशे का टूटना अपशगुन होता है


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घर में कांच का कोई सामान टूट जाए तो, अक्सर लोग कहते हैं कि कोई अपशगुन होने वाला है। मगर सच ये है कि पुराने जमाने में शीशे बहुत नाज़ुक और महंगे थे, इसलिए लोगों ने अफवाह फैला दी कि जो लोग इसे तोड़ते हैं उनके लिए यह अपशगुन का प्रतीक है।

 

5. शाम को नाखून न काटना और शेविंग न करना

अक्सर आपने लोगों को कहते सुना होगा कि शाम को नाखून नहीं काटना चाहिए और शेविंग भी नहीं करनी चाहिए, ये अच्छा नहीं होता, मगर सच्चाई ये है कि पुराने दिनों में बिजली नहीं होती थी और अंधेरे में नाखून काटने पर उंगली कटने और शेविंग के दौरान भी कटने का डर रहता था, इसलिए लोग शाम को ये दोनों काम नहीं करते थे। धीरे-धीरे ये बात अंधविश्वास बन गई।

 

6. गर्भवती महिलाओं ग्रहण के दौरान बाहर नहीं जाना चाहिए

अक्सर बुज़ुर्ग महिलाओं को कहते सुना होगा कि ग्रहण में यदि गर्भवति महिलाएं बाहर निकलती हैं, तो बच्चे में कोई न कोई कमी हो जाती है, इसलिए उन्हें इस दौरान बाहर नहीं निकलना चाहिए। दरअसल, ग्रहण के दौरान हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए महिलाओं को बाहर न निकलने की सलाह दी जाती थी।

 

7. पीरियड्स के दौरान महिलाएं अशुद्ध हो जाती हैं

देश के कई हिस्सों में आज भी ऐसी मान्यता है कि पीरियड्स के दौरान महिलाएं अशुद्ध हो जाती हैं इसलिए मंदिर जाने से लेकर पूजा और कई अन्य काम उनके लिए वर्जित होते हैं। जबकि सच ये है कि पुराने जमाने में महिलाओं को उन पांच दिनों में आराम करने के लिए काम से दूर रखा जाता था, न कि अशुद्ध होने के कारण।

 

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