8वीं फ़ेल इस लड़के ने खड़ी कर दी 2000 करोड़ की कंपनी

4:49 pm 26 Sep, 2018

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हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छी तरह पढ़ाई करें और उच्च शिक्षा हासिल करें। तभी तो उसे ज़्यादा पैकेज वाली नौकरी मिलेगी। बच्चों को डिग्रियां दिलाने के पीछे माता-पिता अपनी आधी से ज़्यादा ज़िंदगी बर्बाद कर देते हैं मगर ज़रूरी नहीं कि डिग्री हासिल करने के बाद भी उसे करोड़ों के पैकेज वाली नौकरी मिल ही जाए। वैसे हमारे देश के लोगों को ये गलतफ़हमी रहती है कि पैसे कमाने के लिए डिग्री ज़रूरी है। दरअसल, उसके लिए डिग्री नहीं हुनर और दिल में कुछ कर गुज़रने का जज़्बा होना ज़्यादा ज़रूरी है। 8वीं फेल इस लड़के की सफ़लता की कहानी जानकर आपकी भी सोच ज़रूर बदल जाएगी।

त्रिशनित अरोड़ा नाम का ये बच्चा कोई मामूली लड़का नहीं है। 8वीं फेल त्रिशनित टीएसी सिक्योरिटी के नाम से अपनी कंपनी चलाता है जो साइबर सिक्योरिटी का काम करती हैं। इतनी छोटी सी उम्र में ही वो कंपनी का मालिक बन चुका है और आज उसके अंडर कई डिग्रीधारी नौकरी कर रहे हैं। त्रिशनित अरोड़ा की कंपनी सीबीआई, रिलायंस, गुजरात पुलिस और पंजाब पुलिस के लिए काम कर रही है।

 

 

इतना ही नहीं, 2013 में पूर्व वित्त मंत्री त्रिशनित को सम्मानित भी कर चुके हैं। त्रिशनित ने हैकिंग पर कई किताबें लिखी हैं, जिनमें ‘हैकिंग टॉक विद त्रिशनित अरोड़ा’, ‘दि हैकिंग एरा’ और ‘हैकिंग विद स्मार्ट फोंस’ जैसी प्रसिद्ध किताबें शामिल हैं। 24 साल के त्रिशनित के पास भले ही कोई डिग्री नहीं है, लेकिन उनके पास एक ऐसा दिमाग और ऐसा जज़्बा है जो कम ही लोगों में होता है। त्रिशनित की सिक्योरिटी कंपनी 2000 करोड़ की है और अब उनका मकसद अपनी कंपनी को मल्टीनेशनल कंपनी बनाने का है।

 

 


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टीएसी सिक्योरिटी के संस्थापक और सीईओ त्रिशनित का पढ़ाई में कभी मन नहीं लगा, लेकिन कम्प्यूटर से उन्हें बहुत लगाव था। जब भी टाइम मिलता वो कंप्यूटर में गेम खेलने लग जाते थे, जिसकी वजह से उनके पापा ने कंप्यूटर में पासवर्ड डाल दिया, लेकिन त्रिशनित को पासवर्ड हैक करना आता था। इसलिए उनके पापा की तरकीब काम नहीं आई। आखिरकार उन्होंने त्रिशनित को एक कम्प्यूटर खरीदकर दे दिया, लेकिन जब बेटा 8वीं में फ़ेल हो गया और स्कूल के प्रिंसिपल ने उन्हें बुलाकर उनके सामने ही त्रिशनित को खूब डांटा, तब उन्होंने बेटे से नाराज़गी में पूछा कि आखिर तुम करना क्या चाहते हो और त्रिशनित के जवाब से जाहिर है किसी भी पैरेंट्स की तरह उन्हें भी झटका लगा, क्योंकि त्रिशनित ने पढ़ाई छोड़ने की बात कही। कुछ ही दिनों में उन्होंने पढ़ाई छोड़ भी दी और पूरा समय कंप्यूटर पर व्यस्त रहने लगे।

 

 

कुछ सालों की कड़ी मेहनत के बाद 20 साल की उम्र में वो कंप्यूटर फिक्सिंग और सॉफ्टवेयर क्लीनिंग के छोटे प्रोजेक्ट करने लगा, जिससे उन्हें पहले महीने ही अच्छी कमाई हुई। इन पैसों से ही त्रिशनित 21 साल की उम्र में टीएसी सिक्योरिटी के नाम की एक साइबर सिक्योरिटी खोली। ये कंपनी नेटवर्किंग को सुरक्षित रखने का काम करती है। अब इनकी कंपनी के पास कई बड़े क्लाइंट है और 24 साल की उम्र में ही त्रिशनित करोड़ों की कंपनी के सीईओ बने गए हैं।

 

 

त्रिशनित अरोड़ा की कहानी से उन माता-पिता को थोड़ा सबक लेना चाहिए जो अपने बच्चे की दिलचस्पी जाने बिना उसे बस डॉक्टर या इंजीनियर बनाने के पीछे पड़े रहते हैं। हर बच्चे में कुछ खास हुनर होता है, आप भी अपने बच्चे के उस हुनर को पहचानकर उसे निखारिए, बजाय चौबीसो घंटे उसके पीछे डंडा लेकर पड़े रहने के।

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