“पटाखों से अगर ध्वनि प्रदूषण होता है तो फिर अजान के लाउडस्पीकर पर चुप्पी क्यों ?”

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Updated on 18 Oct, 2017 at 4:48 pm

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त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने उन लोगों को आड़े हाथों लिया है, जो पटाखों से ध्वनि प्रदूषण होने का दावा करते हैं। रॉय का कहना है कि अगर पटाखों से ध्वनि प्रदूषण होता है तो फिर लाउडस्पीकर से अजान पर चुप्पी क्यों है।

तथागत रॉय ने अपने ट्वीट में लिखा है, हर साल दिवाली पर पटाखों से प्रदूषण को लेकर जंग शुरू हो जाती है (जो एक-दो दिन के लिए होता है), लेकिन अजान के लिए तड़के 4.30 बजे लाउडस्पीकर्स के इस्तेमाल के खिलाफ कोई नहीं लड़ता।

अपने अगले ट्वीट में रॉय लिखते हैं, ध्वनि प्रदूषण पर सेक्युलर गैंग की ये खामोशी मुझे हैरान करती है। कुरान या हदीस में लाउडस्पीकर्स का कहीं जिक्र नहीं है।

वह अपने तीसरे ट्वीट में लिखते हैं, मुअज्जिन को मीनारों से अजान करनी चाहिए, मीनारें इसीलिए बनाई गई हैं। लाउडस्पीकर्स का इस्तेमाल इस्लाम के उल्ट है।

त्रिपुरा के राज्यपाल ने पिछले दिनों दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध पर भी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि अगर यही चलता रहा तो हिंदुओं की चिता जलाने पर भी रोक लगती है।

तथागत रॉय रोहिंग्या मुद्दे पर भी बेबाकी से अपने राय के लिए चर्चा में रहे थे।

फिलहाल माना जा रहा है कि तथागत रॉय का ताजा कमेन्ट ममता बनर्जी की सरकार द्वारा पटाखे फोड़ने के गाइडलाइन्स को लेकर है। पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि रात 10 बजे के बाद 90 डेसिबल ध्वनि तीव्रता के पटाखे फोड़ने की इजाजत नहीं होगी।


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