भारतीय रेल का चेहरा बदलने की तैयारी, देश में प्रति घंटे 200 किमी की रफ्तार से चलेंगी ट्रेनें

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Updated on 15 Feb, 2017 at 11:09 am

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भारतीय रेल का चेहरा बदलने की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही है। रेलवे अब प्रतिघंटे 200 किलोमीटर की रफ्तार वाली इंजनों के निर्माण पर जोर दे रही है। इससे ट्रेनों की रफ्तार कहीं अधिक बढ़ जाएगी। पिछले सोमवार को भारतीय रेल ने जर्मनी में तैयार किए गए 200 किलोमीटर की रफ्तार वाली इंजन का ट्रायल किया है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह के करीब 19 इंजन जर्मनी से आयात किए जाएंगे। बाद में इसी तकनीके आधार पर मधेपुरा की इंजन फैक्टरी में 1,000 इंजनों का निर्माण किया जाएगा।

जर्मनी के ये इंजन 12 हजार हॉर्स पावर की क्षमता वाले हैं। भारत में जो इंजन अभी मौजूद हैं उनकी अधिकतम क्षमता 6 हजार हॉर्स पावर की है। इस तरह जर्मनी के इन इंजनों के आयात से भारत में रेलवे के क्षेत्र में क्रान्ति आने की संभावना बताई जा रही है।

भारतीय इंजनों की कम क्षमता की वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में या माल ढुलाई वाली ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए दो-दो इंजनों का इस्तेमाल करना पड़ता है।


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गौरतलब है कि देश में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जहां मालगाड़ियों को 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाया जाएगा। वर्ष 2019 के बाद से मालगाड़ियों को इस कॉरिडोर पर शिफ्ट किया जा सकेगा।

नए इंजनों के आने से न केवल यात्री ट्रेनें बल्कि मालगाड़ियां भी तेज गति से चलेंगी।

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