ट्रेन में इस्तेमाल होते हैं 11 तरह के हॉर्न, क्या आपको पता है?

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Updated on 21 Nov, 2017 at 9:39 am

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भारतीय रेल में आप अक्सर सफर करते होंगे। किसी भी अन्य ट्रान्सपोर्ट व्यवस्था की तरह ही भारतीय रेल के ट्रेनों में हॉर्न बजाए जाते हैं। हालांकि, आपको यह जानकर हैरत होगी कि भारत में चलने वाली ट्रेनों में 11 अलग-अलग तरह के हॉर्न का इस्तेमाल होता है। सब हॉर्न की उपयोगिता भी अलग-अलग होती है। जी हां, ट्रेन का हॉर्न सिर्फ प्रस्थान या आगमन के वक्त ही नहीं बजाया जाता है, बल्कि इसकी उपयोगिता व्यापक है। आइए इनके बारे में जानते हैं।

1. एक हॉर्न छोटा सा

ट्रेन यार्ड में धुलाई और सफाई के लिए जाने से पहले एक छोटा सा हॉर्न बजाया जाता है।

2. दो छोटे हॉर्न

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यह ट्रेन के यात्रा के लिए तैयार होने का द्योतक है। साथ ही यह गार्ड को संकेत भी है कि अब वह ट्रेन को यात्रा शुरू करने के लिए सिगनल जारी कर दे।

3. तीन छोटे हॉर्न

वैक्युम के वक्त इसका इस्तेमाल होता है, हालांकि इसकी नौबत कम ही आती है। इस हॉर्न से यह पता चलता है कि मोटरमैन का मोटर से कंट्रोल खत्म हो गया है और गार्ड को वैक्यूम ब्रेक तुरंत खींचना चाहिए।

4. चार छोटे हॉर्न

यह ट्रेन में तकनीकी खराबी का संकेत है। इसका मतलब ट्रेन आगे नहीं जा सकेगी।

5. एक लंबा और छोटा हॉर्न

इंजन को शुरू करने से पहले मोटरमैन इस हॉर्न के जरिए गार्ड को ब्रेक पाइप सिस्टम सेट करने के लिए सिगनल देता है।

6. दो लंबे और दो छोटे हॉर्न

इन हॉर्न्स के जरिए मोटरमैन गार्ड को इंजन का कंट्रोल लेने के लिए संकेत देता है।

7. लगातार बजने वाला हॉर्न

इस तरह का हॉर्न आ रही ट्रेन में लगता है। यह संकेत है कि ट्रेन स्टेशन पर रुकेगी नहीं। यह संकेत खासकर यात्रियों के लिए है।

8. दो बार रुक-रुक कर हॉर्न

यह रेलवे क्रॉसिंग पर खड़े लोगों के लिए संकेत है कि वे दूर हट जाएं।

9. दो लंबे और एक छोटा हॉर्न

यह ट्रेन के पटरी बदलने का संकेत है।

10. दो छोटे और एक लंबा हॉर्न

यात्री के चेन खींचने या वैक्युम ब्रेक खींचने पर इस तरह का हॉर्न बजाया जाता है।

11. छह बार छोटे हॉर्न

यह ट्रेन के किसी मुसीबत में फंसने का संकेत है।


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