भारत बंदः ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल शुरू, 15 करोड़ श्रमिकों के शामिल होने का दावा

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Updated on 2 Sep, 2016 at 10:01 am

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केन्द्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 10 ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल शुरू हो गई है। इस देशव्यापी हड़ताल का असर बैंकिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और टेलीकॉम जैसी जरूरी सेवाओं पर पड़ने की आशंका है। ट्रेड यूनियनों का दावा है कि इस देशव्यापी हड़ताल में 15 करोड़ से अधिक श्रमिक भाग ले रहे हैं।

हड़ताल का असर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर अधिक देखा जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ सरकारी दफ्तर, बैंक की शाखाएं और फैक्ट्रियां बंद हैं। भारत बंद को अपना समर्थन देते हुए कुछ राज्‍यों में स्‍थानीय संगठनों ने भी हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है।

बीमा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में विदेशी निवेश के नियमों को कथित रूप से शिथिल करने पर ट्रेड यूनियनों को आपत्ति है। यही नहीं, घाटे में चल रहे सार्वजनिक उपक्रमों को बंद करने की योजना का भी श्रमिक संगठन विरोध कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में यूपी रोडवेज कर्मचारियों ने बसों का परिचालन बंद रखा है। इस वजह से यहां सामान्य जनजीवन ठप हो गया है।

उड़ीसा में भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर रेल यातायात को भी ठप किए जाने की सूचना है।

ट्रेडयूनियन हड़ताल की वजह से बेंगलूरू में भी जनजीवन ठप है।



परिवहन का साधन न मिलने की वजह से केरल के तिरुवनंतपुम में लोग सड़कों पर बसों का इन्तजार करते दिखे।

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में हड़ताली कर्मचारियों ने बसों में तोड़फोड़ की और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

शिमला में बंद की वजह से ट्रकों का परिचालन बंद है।


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